केरल में दिमागी तौर पर मृत महिला ने छह लोगों को नया जीवन दिया

केरल में दिमागी तौर पर मृत महिला ने छह लोगों को नया जीवन दिया

केरल में दिमागी तौर पर मृत महिला ने छह लोगों को नया जीवन दिया
Modified Date: June 29, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: June 29, 2026 8:26 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 29 जून (भाषा) केरल में सड़क हादसे के बाद दिमागी रूप से मृत घोषित कर दी गयी 23 साल की एक महिला के अंगों को दान करने का फैसला उसके परिवार ने गहरे दुख के बावजूद बेहद उदारता दिखाते हुए किया, जिससे छह अन्य लोगों की जान बचाना मुमकिन हो सका।

सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने त्रिशूर जिले के वडक्कनचेरी की नाओमी विंसेंट के परिवार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नाओमी के परिवार ने अपने निजी नुकसान के बावजूद उनके अंग दान करने का ‘नेक निर्णय’ लिया था।

बयान में कहा गया है कि परिवार की सहमति से नाओमी के दो गुर्दे, यकृत, दो कॉर्निया और ‘हार्ट वॉल्व’ दान किए गए।

बयान के अनुसार, एक गुर्दा तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिरोपित किया गया, जबकि दूसरा गुर्दा और यकृत राज्य की राजधानी तिरुवंनतपुरम किम्सहेल्थ अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज़ों को दिए गए।

‘हार्ट वॉल्व’ को ‘श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ को सौंप दिया गया, जबकि दो ‘कॉर्निया’ को ‘रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑफथैल्मोलॉजी’ भेज दिया गया।

बताया गया कि ‘केरल स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन’ ने पूरी अंगदान प्रक्रिया में समन्वय किया।

बयान में कहा गया है कि संबंधित अस्पतालों में प्रतिरोपण सर्जरी चल रही हैं।

नाओमी ने हाल में त्रिशूर के सेंट थॉमस कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर किया था। कोवडियार के एक निजी संस्थान में नई नौकरी शुरू करने के लिए वह तिरुवनंतपुरम जा रही थीं, तभी उनके साथ यह हादसा हो गया।

पच्चीस जून को तड़के करीब चार बजे, कोट्टाराक्कारा के वलाकोम के पास नाओमी की कार एक लॉरी से टकरा गई। इस हादसे में नाओमी, उनकी माँ जिप्सी थंकाचन और छोटा भाई जोएल विंसेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। गाड़ी जोएल चला रहा था।

आरंभ में तीनों को कोट्टाराक्कारा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए नाओमी को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां 28 जून को पूर्वाह्न 9.28 बजे उन्हें दिमागी तौर पर मृत घोषित कर दिया गया।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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