ब्रिटास का जयशंकर को पत्र, एसआईआर से नाम हटाए जाने को पासपोर्ट नवीनीकरण से जोड़ना उचित नहीं

ब्रिटास का जयशंकर को पत्र, एसआईआर से नाम हटाए जाने को पासपोर्ट नवीनीकरण से जोड़ना उचित नहीं

ब्रिटास का जयशंकर को पत्र, एसआईआर से नाम हटाए जाने को पासपोर्ट नवीनीकरण से जोड़ना उचित नहीं
Modified Date: June 29, 2026 / 07:58 pm IST
Published Date: June 29, 2026 7:58 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण से कथित तौर पर इनकार किए जाने के मामले में दखल दें।

ब्रिटास ने वरिष्ठ पत्रकार और ‘द टेलीग्राफ’ के पूर्व संपादक राजगोपाल रामदास के मामले का उल्लेख किया, जिनका दावा है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद उनके पासपोर्ट के नवीनीकरण से इनकार कर दिया गया।

ब्रिटास ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महत्वपूर्ण सवाल उठाता है कि मतदाता सूची से संबंधित निर्णय किस प्रकार एक अलग वैधानिक ढांचे के तहत परिभाषित अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।

उनके मुताबिक, रामदास को वर्ष 2005 में पासपोर्ट जारी किया गया था, जिसका वर्ष 2015 में नवीनीकरण किया गया था और इस दौरान उनकी पहचान, अभिभावक संबंधी विवरण, पता या राष्ट्रीयता में कोई बदलाव नहीं किया गया।

ब्रिटास ने कहा कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा नवीनीकरण से इनकार करने का कथित कारण केवल ‘‘एसआईआर से मतदाता सूची हटाई गई’’ बताया गया।

माकपा सांसद ने तर्क दिया कि एसआईआर प्रक्रिया मतदाता सूची तैयार करने से संबंधित है और यह नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता का निर्धारण नहीं है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाया जाना पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार करने का आधार नहीं बन सकता खासकर तब जब इस निर्णय को चुनौती दी गई हो।

भाषा हक हक संतोष

संतोष


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