आईपीएस को सीएपीएफ प्रमुख बनाकर सरकार चुनावों में विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाना चाहती है: मोइत्रा

आईपीएस को सीएपीएफ प्रमुख बनाकर सरकार चुनावों में विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाना चाहती है: मोइत्रा

आईपीएस को सीएपीएफ प्रमुख बनाकर सरकार चुनावों में विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाना चाहती है: मोइत्रा
Modified Date: April 2, 2026 / 04:50 pm IST
Published Date: April 2, 2026 4:50 pm IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सरकार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 लाकर सशस्त्र बलों के अधिकारियों के बजाय पुलिस अधिकारियों को इनका प्रमुख बनाने का प्रावधान ला रही है और इस तरह चुनावों के लिए इन आईपीएस को विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाया जा रहा है।

उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में काडर प्रबंधन के लिए लाए गए विधेयक को सरकार का ‘गलत कदम’ करार देते हुए इसे संसद की प्रवर समिति को विचारार्थ भेजने की मांग की।

लोकसभा में उक्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों की आवाज नहीं सुनना चाहती जो सीमा पर खतरे में काम करते हैं, आपदा राहत में सेवा देते हैं और चुनाव में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लाने से पहले इन बलों के अधिकारियों से परामर्श नहीं किया जो इस विषय के हितधारक हैं।

मोइत्रा ने कहा कि पहले तो सरकार ने बलों के हजारों कर्मियों से अदालतों में मुकदमा लड़ा और अपने पक्ष में फैसला नहीं आने के बाद भी सही कदम नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि यह सरकार देश के लिए खून बहाने वालों को उनका अधिकार क्यों नहीं दे रही।

मोइत्रा ने कहा कि बलों के अधिकारियों और जवानों की कार्य परिस्थितियों में सुधार करने, उनकी सुविधाएं बढ़ाने के बजाय सरकार उनका मनोबल गिरा रही है।

उन्होंने कहा कि इन विधेयकों को और अधिक विचार-विमर्श के लिए संसद की प्रवर समिति को भेजा जाए।

तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘सरकार को तीन कृषि कानूनों को दबाव में वापस लेना पड़ा था। अब वह इस तरह की गलती दोबारा नहीं करे।’’

भाषा वैभव हक

हक


लेखक के बारे में