मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला कांग्रेस आलाकमान के अधिकार क्षेत्र में: मुख्यमंत्री शिवकुमार
मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला कांग्रेस आलाकमान के अधिकार क्षेत्र में: मुख्यमंत्री शिवकुमार
बेंगलुरु, 23 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना कांग्रेस आलाकमान का विशेषाधिकार है और उनका काम नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करना है।
शिवकुमार ने उत्तर कर्नाटक के 14 जिलों से आए विभिन्न दरगाहों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान यह बात कही। इन प्रतिनिधियों ने शिवकुमार से सोमवार को मुलाकात कर विधान परिषद सदस्य सलीम अहमद को कैबिनेट में शामिल करने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि शिवकुमार ने उनसे कहा, ‘‘आपने अनुरोध किया है कि एमएलसी सलीम अहमद को अवसर दिया जाए, मैं आपका यह अनुरोध आलाकमान तक पहुंचा दूंगा।’’
सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद शिवकुमार ने तीन जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
कर्नाटक मंत्रिमंडल की स्वीकृत संख्या 34 (मुख्यमंत्री सहित) है, लेकिन अभी 20 पद खाली हैं जिसके कारण शिवकुमार पर मंत्रिमंडल विस्तार का दबाव बढ़ता जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कई नेताओं की मंत्री बनने की आकांक्षा और सीमित पदों के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की चुनौती है क्योंकि जिन नेताओं को जगह नहीं मिलेगी उनके बीच व्यापक असंतोष पैदा होने का खतरा है।
शिवकुमार ने कहा कि जब पार्टी सत्ता में आई थी, तब उन्हें उम्मीद थी कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे लेकिन पार्टी आलाकमान ने यह निर्णय लिया कि सिद्धरमैया और वह (शिवकुमार) दोनों मिलकर सत्ता-साझा करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समझौते के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी थी। बाद में पार्टी ने मुझे मेरी यह जिम्मेदारी सौंपी। आप लोग यहां सलीम अहमद का समर्थन करने और उनके लिए एक अच्छा अवसर मांगने आए हैं। सलीम, विनय कुमार सोराके और मैं, हम सभी छात्र नेता थे और हमने साथ ही राजनीति में प्रवेश किया था। उन्हें एमएलसी बनाने का विरोध भी हुआ था लेकिन मैंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप सलीम अहमद की सिफारिश कर रहे हैं। वोक्कालिगा, लिंगायत और ईसाई समुदायों के लोग भी अपने-अपने नेताओं के नाम का प्रस्ताव दे रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक निर्णय लेना कठिन हो जाता है। मैं आपसे अपनी चुनौतियां साझा कर रहा हूं। पार्टी के सभी अल्पसंख्यक नेताओं ने अच्छा काम किया है। हम इस मामले पर आलाकमान के साथ चर्चा करेंगे और उसके बाद निर्णय लेंगे।’’
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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