कैग ने ओडिशा की जेलों में सुरक्षा और कर्मचारियों की कमियों को उजागर किया
कैग ने ओडिशा की जेलों में सुरक्षा और कर्मचारियों की कमियों को उजागर किया
भुवनेश्वर, दो अप्रैल (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने ओडिशा की जेलों में बुनियादी ढांचे, कर्मियों एवं उपकरणों की कमी का हवाला देते हुए जेल प्रबंधन और सुरक्षा में कई कमियों को उजागर किया।
ये निष्कर्ष जेलों के विषय-विशेष अनुपालन ऑडिट में सामने आए, जो भारत के कैग की नवीनतम रिपोर्टों में शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ओडिशा मॉडल जेल मैनुअल-2020 के अनुसार, प्रत्येक छह कैदियों पर कम से कम एक गार्ड होना चाहिए और इस अनुपात का पालन तीनों ‘शिफ्ट’ में किया जाना चाहिए।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि 21,058 कैदियों के प्रबंधन के लिए 3,515 सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता के मुकाबले सरकार द्वारा केवल 1,680 पद (47.49 प्रतिशत) स्वीकृत किए गए थे, जो एक शिफ्ट के लिए भी पर्याप्त नहीं थे।
जून 2023 और फरवरी 2024 के बीच 2020-21 से 2022-23 की अवधि के लिए किए गए ऑडिट में पाया गया कि मार्च 2023 तक स्वीकृत 1,680 कर्मचारियों के मुकाबले केवल 1,282 सुरक्षा कर्मी ही कार्यरत थे।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इससे सामने आया है कि मानदंडों के मुकाबले 2,233 कर्मियों (65.53 प्रतिशत) की कमी और स्वीकृत संख्या के मुकाबले 398 कर्मचारियों की कमी हुई।’’
कैग ने कहा, ‘‘पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों के अभाव में सुरक्षा, हिरासत, कैदियों के कल्याण से संबंधित आवश्यक कार्य, साथ ही जेल प्रशासन का सुचारू संचालन नहीं किया जा सका।’’
जांच के लिए चुने गए 15 जेलों के रिकॉर्ड की जांच करते समय लेखा परीक्षक ने पाया कि सुरक्षित जेल प्रशासन के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या चालू हालत में नहीं थे।
इसमें यह भी पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच विभिन्न जेलों से 29 कैदी फरार हो गए, जिनमें से 12 का अब तक पता नहीं चल पाया है और उन्हें दोबारा पकड़ा नहीं जा सका है।
भाषा यासिर पवनेश
पवनेश

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