सेवानिवृत्त बैंककर्मी से 23 करोड़ रुपये की ठगी में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया
सेवानिवृत्त बैंककर्मी से 23 करोड़ रुपये की ठगी में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए गुलमोहर पार्क निवासी एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मी से 23 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 15 मार्च को मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने सिलीगुड़ी निवासी साग्निक रॉय और उसकी कंपनी ‘सिक्योरिंग वर्ल्ड सोशल एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल’ के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, जिसके खातों में कथित रूप से ठगी की रकम अंतरित हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि पहले इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस रॉय को गिरफ्तार किया था। बैक कर्मी दिल्ली के पॉश इालके गुलमोहर पार्क का रहने वाला है।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, “जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी और उसकी कंपनी के चालू बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए किया गया था। ये धनराशि दिल्ली के एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाकर किए गए ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाले से जुड़ी थी।”
बयान के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक (78) को धमकाकर, फर्जी नोटिसों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा न्यायिक अधिकारियों का भेष बनाकर जेल का डर दिखा 23 करोड़ रुपये ठगे गए थे।
सीबीआई के अनुसार, उसी बैंक खाते का इस्तेमाल देश के विभिन्न स्थानों पर दर्ज कम से कम दो अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी किया गया था।
एजेंसी ने कहा, “इस खाते का इस्तेमाल अपराध से प्राप्त धनराशि लेने के लिए किया गया, जिसे बाद में ‘म्यूल’ खातों की मदद से निकाल लिया गया।”
बयान में कहा गया कि पीड़ित को पिछले वर्ष एक महीने से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ के तहत घर में ही बंधक बनाकर रखा गया और उसे केवल बैंक से पैसे निकालने और रकम को उन ठगों को सौंपने के लिए बाहर जाने की अनुमति दी जाती थी, जो खुद को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी बताकर उससे संपर्क करते थे।
भाषा
प्रचेता पवनेश
पवनेश

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