सीबीआई का चैटबॉट ‘अभय’ लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के चंगुल से बचाएगा
सीबीआई का चैटबॉट ‘अभय’ लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के चंगुल से बचाएगा
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ‘डिजिटल अरेस्ट’ से लोगों को बचाने के लिए सोमवार को एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित चैटबॉट ‘अभय’ की शुरुआत करेगी, जो लोगों को जारी किए गए नोटिस की प्रामाणिकता को सत्यापित करने में मदद करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अपने संस्थापक निदेशक के सम्मान में सोमवार को 22वें डी पी कोहली स्मारक व्याख्यान का आयोजन किया है और इसी अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत चैटबॉट ‘अभय’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रधान न्यायाधीश ‘साइबर अपराध की चुनौतियां – पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान देंगे। इस अवसर पर वह सराहनीय सेवा के लिए 24 पदक भी प्रदान करेंगे।
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘एआई आधारित नोटिस सत्यापन चैटबॉट ‘अभय’ जनता को सीबीआई द्वारा जारी किए गए कथित नोटिस की प्रामाणिकता सत्यापित करने की सुविधा देगा…।’’
प्रवक्ता ने बताया कि कई मामलों में यह सामने आया है कि सीबीआई अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करने वाले ठगों ने एजेंसी की ओर से जारी किए गए फर्जी नोटिस दिखाकर जनता को धमकाया है, उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया है और इस दौरान करोड़ों रुपये की उगाही की है।
उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में चिंता जताई थी कि साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 54,000 करोड़ रुपये की चपत लगाई गई है। शीर्ष अदालत ने इस खतरे को ‘लूट या डकैती’ करार दिया था।
डी पी कोहली स्मारक व्याख्यान का आयोजन वर्ष 2000 से किया जा रहा है और इसमें कई प्रख्यात हस्तियों ने विचार व्यक्त किये हैं।
सीबीआई ने बताया, ‘‘कोहली का जन्म 1907 में उत्तर प्रदेश में हुआ था और वह 1931 में पुलिस सेवा में शामिल हुए। कोहली ने अपने करियर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों तथा भारत सरकार में विशिष्ट सेवाएं दीं। उन्होंने 1955 से दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (डीएसपीई) का नेतृत्व किया और एक अप्रैल 1963 को सीबीआई की स्थापना के समय इसके संस्थापक निदेशक बने, जहां उन्होंने 1968 में अपनी सेवानिवृत्ति तक सेवा की।’’
भाषा धीरज शोभना
शोभना

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