केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए लाया गया : दिग्विजय सिंह

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए लाया गया : दिग्विजय सिंह

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए लाया गया : दिग्विजय सिंह
Modified Date: March 30, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: March 30, 2026 5:12 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक सिर्फ उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने और उसे निरस्त करने के लिए लाया गया है और इस प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से पांच केंद्रीय बलों के अधिकारियों के साथ संस्थागगत असमानता की स्थिति पैदा होगी।

सिंह उच्च सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक पर हुई चर्चा में भाग ले रहे थे।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि ऐसी क्या स्थिति बन गयी कि यह कानून लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के पक्ष में फैसले दिए।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में अधिकारियों के लिए प्रोन्नति और कैडर समीक्षा की बात की है और सरकार को उन फैसलों को स्वीकार कर लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक सुधारात्मक कदम नहीं है बल्कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को रद्द करने तथा प्रोन्नति में भेदभावपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों में प्रोन्नति की गति काफी धीमी है, जिससे उनका मनोबल गिरना और उनका उत्साहहीन होना स्वाभाविक है।

सिंह ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने या इसे वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता दावा करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन बलों के कर्मियों के प्रति बहुत संवेदनशील हैं तो उन्हें कर्मियों की मांगों को स्वीकार करने में क्या दिक्कत है।

उन्होंने 2019 के पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सीआरपीएफ के महानिदेशक ने मांग की थी कि जवानों को ले जाने के लिए हवाई यातायात की व्यवस्था की जाए। लेकिन सरकार ने उनकी मांग को नहीं स्वीकार किया और उसके बाद पुलवामा की घटना में हमारे कई जवान शहीद हो गए।

सिंह ने कहा कि उसके बाद देश में चुनाव होने थे और प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव में पुलवामा शहीदों के नाम पर वोट मांगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ही ऐसी घटनाओं को लेकर राजनीति करती रही है।

उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा इन बलों के कर्मियों के पास हैं और उनका असंतुष्ट होना ठीक नहीं है और यह देश के लिए भी खतरा बन सकता है।

उन्होंने विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसके पीछे उस समय की सरकारों की खुफिया नाकामी थी। बल के जवानों के काफी मुश्किल परिस्थितियों में काम करने का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार नक्सली समस्या को खत्म करने का श्रेय ले रही है, जिसमें केंद्रीय बलों की अहम भूमिका रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए और उनकी बातों को सुनना चाहिए।

भाषा अविनाश माधव

माधव


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