केंद्रीय कर्मियों के संगठन ने ‘घर से काम’ करने, डिजिटल बैठकों की मांग की
केंद्रीय कर्मियों के संगठन ने ‘घर से काम’ करने, डिजिटल बैठकों की मांग की
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) केंद्रीय कर्मचारियों के एक संगठन ने बुधवार को केंद्र से ‘घर से काम’ (डब्ल्यूएफएच) करने, डिजिटल माध्यमों से बैठकों और कॉन्फ्रेंस के आयोजन के संबंध में दिशानिर्देश जारी करने का आग्रह किया।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट के कारण होने वाले अनावश्यक खर्चों में कटौती करने के आह्वान के बाद उठाया गया है।
केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) मंच ने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और समर्पित सरकारी कर्मचारियों के प्रयासों से निश्चित रूप से इस पहल के सार्थक परिणाम प्राप्त होंगे।’’
यह संगठन सीएसएस अधिकारियों का एक प्रतिनिधि निकाय है, जो केंद्रीय सचिवालय के कामकाज की रीढ़ माना जाता है।
उसने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “सीएसएस मंच ने डीओपीटी से सरकारी कार्यालयों के लिए ‘घर से काम’ पर व्यापक दिशानिर्देश जारी करने का आग्रह किया है, क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए डब्ल्यूएफएच, डिजिटल माध्यम से बैठक और कॉन्फ्रेंस को फिर से शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया है।’’
मंच ने बताया कि एक संतुलित और संरचित ढांचा उत्पादकता, कर्मचारियों की भलाई, डिजिटल शासन को बढ़ा सकता है और “हरित सचिवालय” की परिकल्पना का समर्थन कर सकता है।
‘ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने भी प्रधानमंत्री के इस कदम का समर्थन किया।
पटेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन सरकार से आग्रह करता है कि वह हमारे देश के कल्याण और प्रगति के लिए प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए उपायों जैसे कि घर से काम करना, डिजिटल माध्यम से बैठक आदि पर विचार करे।”
भाषा प्रशांत शफीक
शफीक

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