मुख्य हवाई अड्डों से ‘चेहरा पहचान तकनीक’ से डेटा एकीकृत करेगा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

मुख्य हवाई अड्डों से ‘चेहरा पहचान तकनीक’ से डेटा एकीकृत करेगा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

मुख्य हवाई अड्डों से ‘चेहरा पहचान तकनीक’ से डेटा एकीकृत करेगा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
Modified Date: June 22, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: June 22, 2026 7:24 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की दिल्ली में एक ‘डेटा एकीकरण केंद्र’ बनाने की योजना है, जो देश के प्रमुख हवाई अड्डों से चेहरा पहचानने वाली तकनीक के डेटा को एक साथ जोड़ेगा। सीआईएसएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीर रंजन ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में गृह मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है।

उन्होंने यह बात राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। इस कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार भी उपस्थित थे और उन्होंने इस अर्द्धसैनिक बल के नये मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सीआईएसएफ के सुरक्षा दायरे में आने वाली इकाइयों में लगे करीब 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरों को भी एकीकृत करने की योजना है।

रंजन ने बताया कि सीआईएसएफ अपने सुरक्षा दायरे में आने वाले ‘‘महत्वपूर्ण’’ प्रतिष्ठानों में एक एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र भी बना रहा है।

सीआईएसएफ के सुरक्षा दायरे में कुल 359 इकाइयां शामिल हैं, जिनमें वांतरिक्ष, परमाणु एवं ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ 73 नागरिक हवाई अड्डे भी शामिल हैं।

रंजन ने कहा कि सीआईएसएफ को हाल ही में देश के प्रमुख और गैर-प्रमुख समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा का जिम्मा भी सौंपा गया है और इसके लिए उन्होंने तीन नयी बटालियन गठित करने का एक प्रस्ताव तैयार किया है।

यह बल वर्तमान में 12 प्रमुख समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा कर रहा है। भारत में ऐसे बंदरगाहों की कुल संख्या 250 है।

एक अधिकारी ने बताया कि नौ मंजिला नये भवन का निर्माण लोधी रोड स्थित सीजीओ परिसर में 0.66 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। यह स्थान बल के वर्तमान मुख्यालय के पास स्थित है और सोमवार को इसकी आधारशिला रखी गई। इस परियोजना पर 75.78 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसके मई 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश


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