केंद्र एनसीएलटी के कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे : अदालत
केंद्र एनसीएलटी के कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे : अदालत
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में बाचू वेंकट बलराम दास की नियुक्ति के खिलाफ अधिकरण के तकनीकी सदस्य द्वारा दाखिल याचिका पर शुक्रवार को केंद्र से जवाब तलब किया।
न्यायमूर्ति सी हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओ पी शुक्ला की पीठ ने कौशलेंद्र कुमार सिंह की याचिका पर केंद्र सरकार के साथ-साथ न्यायाधिकरण के न्यायिक सदस्य दास को भी नोटिस जारी किया और उनसे अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि कानून के तहत अधिकरण के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में सबसे वरिष्ठ सदस्य की ही नियुक्ति हो सकती है, फिर चाहे वह न्यायिक सदस्य हो या तकनीकी सदस्य। याचिका में कहा गया कि चूंकि सिंह को दास को पहले ही अधिकरण के सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा चुका था, इसलिए दास को कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता था।
पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए, याचिका का जवाब चार दिनों के भीतर दाखिल किया जाए।’’ अदालत ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की।
पीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता के मामले में ‘‘प्रथम दृष्टया पर्याप्त तथ्य’’ है।
अदालत ने कहा, ‘‘ यदि क़ानून में वरिष्ठतम सदस्य की नियुक्ति का प्रावधान है और याचिकाकर्ता की नियुक्ति वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष से पहले हुई है, तो जब तक वरिष्ठता को परिभाषित करने वाला कोई अन्य नियम न हो, उनके वरिष्ठ होने के दावे में प्रथम दृष्टया दम है। यदि वे वरिष्ठ हैं, तो चाहे वे न्यायिक हों या तकनीकी, और उनके कार्यवाहक अध्यक्ष बनने पर संस्था का जो भी भविष्य हो, वह अप्रासंगिक है क्योंकि यह क्षेत्र कानून द्वारा निर्धारित है।’’
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश

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