कंबोडिया से जुड़े ‘साइबर गुलामी’ गिरोह के फरार सरगना समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
कंबोडिया से जुड़े ‘साइबर गुलामी’ गिरोह के फरार सरगना समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कंबोडिया में भारतीय युवाओं की तस्करी और ‘साइबर गुलामी’ से जुड़े मामले में कथित सरगना समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
‘साइबर गुलामी’ (साइबर स्लेवरी) से आशय किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ डिजिटल या ऑनलाइन अपराधों में शामिल होने के लिए मजबूर करना है यानी किसी व्यक्ति को कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए अपराध करने के लिए ‘जबरन मजदूर’ बना दिया जाता है।
शुक्रवार को बिहार के पटना स्थित एनआईए विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में मानव तस्करी गिरोह के कथित सरगना आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह और चार अन्य सह-आरोपियों के नाम शामिल हैं।
एनआईए की जांच में सामने आया है कि आनंद इस गिरोह का मुखिया था और भारत में विभिन्न उप-एजेंट व ट्रैवल एजेंट के जरिए युवाओं की भर्ती करता था। वह कंबोडिया में अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ितों को अवैध रूप से वहां पहुंचाता था।
शनिवार को जारी एनआईए के बयान के अनुसार आनंद हर एक युवा को किसी फर्जी कंपनी के ‘हवाले’ करने के बदले दो से तीन हजार अमेरिकी डॉलर वसूलता था।
इसने कहा कि आरोपी एक संगठित तस्करी गिरोह के तहत भारतीय युवाओं को अच्छी नौकरी और वेतन का लालच देकर कंबोडिया ले जाते थे। वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें ‘‘धोखाधड़ी के लिए संचालित कंपनी’’ में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
एनआईए ने कहा कि विरोध करने पर उन्हें बिजली के करंट, जबरन कैद, भूखा-प्यासा रखने जैसी मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं।
आरोपपत्र में नामजद तीन सह-आरोपियों उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे और रोहित यादव तथा बिहार के अभिरंजन कुमार को इस साल फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। पांचवां आरोपी प्रह्लाद कुमार सिंह जमानत पर बाहर है।
एनआईए ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच अब भी जारी है।
भाषा
खारी संतोष
संतोष

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