धनुष तोप में चाइनीज पुर्जों का मामला : जबलपुर गन फैक्ट्री की वर्कशाॅप सील
धनुष तोप में चाइनीज पुर्जों का मामला : जबलपुर गन फैक्ट्री की वर्कशाॅप सील
बोफोर्स के देशी वर्जन धनुष तोप में मेड इन जर्मनी की जगह चाइना के कलपुर्जे लगाने का खुलासा होने के बाद पूरे डिफेंस सेक्टर में हड़कंप मचा हुआ है…जिसके चलते जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री के अधिकारीयों ने आनन फानन में फैक्ट्री का निरीक्षण किया और धनुष तोप बनाने वाले सेक्शन को सील कर दिया..साथ ही धनुष के लिए खरीदे गए कलपुर्जों का स्टॉक और दस्तावेजो को भी जब्त किया हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक…सीबीआई के छापे के बाद हुए इस खुलासे को देखते हुए पोखरण से तीन धनुष तोपें को भी वापस लौट बुला लिया गया है… जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री यानि जीसीएफ में तैयार होने वाली धुनष तोप में चायना के बैरिंग लगाए जाने और फिर सीबीआई के खुलासे को लेकर निर्माणी में सरगर्मी का महौल बना हुआ हैं…इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहा है…फैक्ट्री से अब तक 12 धनुष तोपें बाहर भेजी जा चुकी हैं। जबकि मौजूदा टारगेट में 6 धनुष तोप का निर्माण किया जाना है। लेकिन चीन के कलपुर्जे लगाने का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने फैक्ट्री में धनुष तोप के निर्माण वाले सेक्शन को सील करने की कार्यवाही की…साथ ही जब्त किए गए दोनों बेयरिंग को स्टोर में रखकर लॉक कर दिया गया है…और कलपुर्जे खरीदने संबंधी दस्तावेजो भी जब्त किए गए है। बताया जा रहा है..कि इस मामले की जांच करने आयुध निर्माणी बोर्ड की एक टीम जल्द जीसीएफ फैक्ट्री आएगी..इस टीम में एक दर्जन बोर्ड के सदस्य शामिल हो सकते है..जो इस बात की तफ्तीश करेगे..कि पहले से तय किए गए तीन बिंदुओ के बावजूद कैसे हर एक पॉइंट में चीनी बेयरिंग पास होते चले गए..और इन्हें किसी ने क्यों नही पकड़ा।
दरअसल बोफोर्स के स्वदेशी वर्जन धनुष में 5 हजार से ज्यादा पार्ट्स लगते है..जिनमे से सैकड़ो पार्ट्स आज भी दूसरे देशो से मंगाने पड़ते है..और इन्ही पार्ट्स में वायर रेस रोलर बेयरिंग प्रमुख्य है..इस बेयरिंग का काम तोप में बम के गोलों को लोड करना होता है..इसलिए इस काम के लिए जर्मनी के रोलर बेयरिंग सबसे विश्वसनीय है..जबकि चीन के बेयरिंग कभी भी धोखा दे सकते है.. जिससे बम ठीक से लोड न होने और गन का पॉइंटर उपर नीचे होने पर तोप में ही विस्फोट हो सकता है..और भारतीय सेना के जवानो की जान भी सकती है.. बहरहाल इस पूरे मामले में फैक्ट्री का कोई भी अधिकारी अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहा है…फैक्ट्री में हो रही सारी कार्रवाई को गोपनीय रखा जा रहा है…लेकिन इतना तय है की सीबीआई के शिकंजे में जबलपुर जीसीएफ फैक्ट्री के दर्जन भर से ज्यादा अधिकारी आ सकते हैं…।

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