सेना के उत्तरी कमान के कमांडर ने अलंकरण समारोह में 93 वीरता एवं सेवा पुरस्कार प्रदान किए
सेना के उत्तरी कमान के कमांडर ने अलंकरण समारोह में 93 वीरता एवं सेवा पुरस्कार प्रदान किए
उधमपुर, 28 मार्च (भाषा) सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शनिवार को यहां आयोजित अलंकरण समारोह 2026 में असाधारण साहस और विशिष्ट सेवा के लिए 52 व्यक्तिगत सम्मान और 41 यूनिट प्रशस्ति पत्र सहित 93 पुरस्कार प्रदान किए।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बताया कि ये पुरस्कार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती और संवेदनशील सीमा अभियानों में असाधारण शौर्य के कार्यों को मान्यता देते हैं।
उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान चार युद्ध सेवा पदक, ‘वन बार टू सेना मेडल’, 37 सेना पदक, ‘वन बार टू विशिष्ट सेवा मेडल’, आठ विशिष्ट सेवा पदक और एक जीवन रक्षा पदक (मरणोपरांत) प्रदान किये गए।
समारोह में सेवारत सैन्य अधिकारी, पुरस्कार विजेता और उनके परिवार उपस्थित थे।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने पुरस्कार विजेताओं की पेशेवर क्षमता, समर्पण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
उन्होंने परिचालन उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को कायम रखने के महत्व पर जोर दिया।
सम्मानित सैन्य कर्मियों में मेजर जनरल राकेश नायर शामिल हैं जिन्हें विशिष्ट सेवा के लिए युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। आतंकवाद विरोधी अभियानों और उच्च जोखिम वाले मिशनों में अपनी भूमिका के लिए कई अधिकारियों और सैनिकों को सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया।
सिपाही (अब नायक) नदीम इकबाल शाह को जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान भारी हमले के बीच जवाबी फायरिंग करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराने के लिए सम्मानित किया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल कुमार को घने जंगलों में एक सफल आतंकवाद-विरोधी अभियान का नेतृत्व करने के लिए सम्मानित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कई आतंकवादियों को मार गिराया गया और हथियार बरामद किए गए।
मेजर (अब लेफ्टिनेंट कर्नल) सुमित ग्रोवाल को ड्रोन निगरानी का उपयोग करते हुए सुंदरबानी सेक्टर में एक सटीक घेराबंदी और तलाशी अभियान का नेतृत्व करने के लिए सम्मानित किया गया, जबकि पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के मेजर आशुतोष कुमार यादव को भीषण गोलीबारी के दौरान एक आतंकवादी ठिकाने को नष्ट करने के लिए सम्मानित किया गया।
जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के मेजर हितेश सिंह वर्मा को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने और तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए सम्मानित किया गया। असम राइफल्स के मेजर अनुराग सावर्णी को भारत-म्यांमा सीमा पर प्रभावी निगरानी नेटवर्क स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया।
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ अधिक ऊंचाई वाले निगरानी अभियानों के लिए मेजर अर्चित इंदुरकर और मेजर आदित्य प्रताप सिंह को सम्मानित किया गया, जबकि मेजर अक्षय कुमार को एक साहसी हिमस्खलन बचाव अभियान का नेतृत्व करने के लिए सम्मानित किया गया।
मेजर आलोक जायसवाल को एक मजबूत खुफिया नेटवर्क विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया, जिससे आतंकवाद विरोधी अभियान सफल हुए, जबकि 302 मीडियम रेजिमेंट के मेजर अमित भट्टी को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने वाले समन्वित गोलीबारी हमले को अंजाम देने के लिए सम्मानित किया गया।
सूबेदार धनंजय जांबल और मेजर धनंजय जांबल को भी प्रतिकूल परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी और सटीक हमले के अभियानों में उनके नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
सेना की सबसे सक्रिय सैन्य टुकड़ी के रूप में उत्तरी कमान की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, अधिकारियों ने कहा कि यह कई क्षेत्रों में पारंपरिक और उभरते खतरों से दृढ़तापूर्वक निपटना जारी रखे हुए है।
उन्होंने कहा कि सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर घने जंगलों और नियंत्रण रेखा तक, इसके कर्मी अत्यधिक कठिन भूभाग, प्रतिकूल मौसम और लगातार बदलती सुरक्षा चुनौतियों में अटूट साहस के साथ मुकाबला करते हैं।
भाषा तान्या धीरज
धीरज

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