Akhilesh Yadav Latest Statement: ‘उद्धाटन के बाद भी शुरू नहीं हो पाए 6 एयरपोर्ट’ सपा सुप्रीमो ने सरकार से पूछे कई सवाल, कहा- सिर्फ अरबों की कमाई है मकसद

'उद्धाटन के बाद भी शुरू नहीं हो पाए 6 एयरपोर्ट' सपा सुप्रीमो ने सरकार से पूछे कई सवाल, Akhilesh Yadav Latest Statement on New Airport

Akhilesh Yadav Latest Statement: ‘उद्धाटन के बाद भी शुरू नहीं हो पाए 6 एयरपोर्ट’ सपा सुप्रीमो ने सरकार से पूछे कई सवाल, कहा- सिर्फ अरबों की कमाई है मकसद
Modified Date: March 28, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: March 28, 2026 5:20 pm IST

लखनऊ: Akhilesh Yadav Latest Statement समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में जिन सात हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया, उनमें से छह आज तक चालू नहीं हुए हैं।

Akhilesh Yadav Latest Statement यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “देखो भाजपा का भ्रष्ट प्रबंध सात में से छह नये हवाई अड्डे बंद! उत्तर प्रदेश के बाकी हवाई अड्डों का क्या हाल है ‘घास हटवाकर’ ये भी तो देख लिया जाए।” उन्होंने चित्रकूट, कुशीनगर व आजमगढ़ के हवाई अड्डों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया गया कि हाल ही में खोले गए कई हवाई अड्डों पर निर्धारित उड़ान परिचालन बंद कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाएं मुख्य रूप से चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की जा रही हैं। यादव ने कहा, “भाजपा में अरबों का निर्माण सिर्फ अपनों को ठेके बांटकर, कमाई को बांटने के लिए होता है। इन्हें न तो कोई हवाई अड्डा चलाना है, न उड़ान योजना में कोई हवाई जहाज उड़ाना है, इन्हें तो बस कमाना है।”

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के दौरान की गई टिप्पणी का जवाब दिया। मोदी ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि सपा कार्यकाल के दौरान नोएडा को ‘लूट के लिए एटीएम’ में बदल दिया गया था। यादव ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, “हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे। जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है। जब हार साक्षात दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन पर नियंत्रण।” उन्होंने कहा, “उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कार में है और हमेशा रहेगा। सादर विदाई!”

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