महिला आयोग व दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों पर उच्च स्तरीय समीक्षा की
महिला आयोग व दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों पर उच्च स्तरीय समीक्षा की
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मजबूत संस्थागत समन्वय, शिकायतों के त्वरित निपटान और पीछा करने से संबंधित अपराधों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
महिला आयोग ने एक बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 2024-25 के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों की प्रवृत्ति की समीक्षा की गई। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन अपराध, ऐसे अपराधों में किशोरों की संलिप्तता और समय पर जांच व सुनवाई में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई।
समन्वित और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए रहाटकर ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहायता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तंत्र और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण अधिकारियों के बीच प्रभावी तालमेल आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पीछा करने से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि ये अक्सर महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के शुरुआती संकेतक होते हैं। साथ ही उन्होंने आयोग द्वारा भेजी गई शिकायतों और कार्रवाई रिपोर्ट के त्वरित निपटान पर बल दिया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई और शिकायत पंजीकरण, त्वरित प्रतिक्रिया, साइबर हस्तक्षेप तथा पीड़ित सहायता के लिए अपनाए गए कई तंत्रों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आयोग को यह भी सूचित किया कि दिल्ली पुलिस महिला थानों की स्थापना की दिशा में काम कर रही है ताकि शिकायत दर्ज कराना महिलाओं के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक हो सके।
इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, दिल्ली पुलिस के सभी जिलों के डीसीपी, मानव तस्करी विरोधी इकाइयों, साइबर अपराध प्रकोष्ठ समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए अपनाई गई सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा किया, जिसमें इसकी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल है जिसके तहत पीसीआर टीम पांच से सात मिनट के भीतर अपराध स्थल पर पहुंच जाती हैं।
बयान के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने आयोग को सूचित किया कि बेहतर समन्वय और तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से ऑनलाइन अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की समय सीमा लगभग 36 घंटे से घटाकर लगभग तीन घंटे कर दी गई है।
भाषा नोमान सुरभि
सुरभि

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