Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi: आज खुशियों से भर जाएगी लाडली बहनों की झोली! खातों में आएंगे इतने हजार रुपए, खुद मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर

Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi: आज खुशियों से भर जाएगी लाडली बहनों की झोली! खातों में आएंगे इतने हजार रुपए, खुद मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर

Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi: आज खुशियों से भर जाएगी लाडली बहनों की झोली! खातों में आएंगे इतने हजार रुपए, खुद मुख्यमंत्री करेंगे ट्रांसफर

Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi | Photo Credit: AI

Modified Date: May 13, 2026 / 07:30 am IST
Published Date: May 13, 2026 7:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • महिलाओं के खातों में राशि सीधे अंतरित होगी
  • सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की जाएगी
  • आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में बड़ा कदम

भोपाल: Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 13 मई को नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किश्त जारी (Ladli Behna Yojana 34th Installment) करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे।

Ladli Behna Yojana 36 Kist Kab Aayegi मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बन चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की परिवार के निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है, पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

करोड़ों महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मध्यप्रदेश में महिला कल्याण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकरात्मक परिवर्तन आए है। नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं को घरेलू खर्चों के प्रबंधन ने अधिक आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक प्रभावी ढंग से खर्च कर पा रही है। योजना से प्राप्त राशि ने अनेक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों, लघु उद्योगों और स्व-रोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिये प्रेरित किया है। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्त्रोत विकसित हुए है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ महिलाओं के परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है और उनकी राय को अधिक महत्व मिलने लगा है। बैंक खातों में सीधे राशि अंतरण की व्यवस्था ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ा है। इससे बहनों में वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

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