कांग्रेस नक्सलवाद की समस्या समाप्त कर सकती थी, लेकिन उसने मुंह मोड़ लिया: तेदेपा सांसद

कांग्रेस नक्सलवाद की समस्या समाप्त कर सकती थी, लेकिन उसने मुंह मोड़ लिया: तेदेपा सांसद

कांग्रेस नक्सलवाद की समस्या समाप्त कर सकती थी, लेकिन उसने मुंह मोड़ लिया: तेदेपा सांसद
Modified Date: March 30, 2026 / 04:37 pm IST
Published Date: March 30, 2026 4:37 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) की सांसद बी शबरी ने सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश में सर्वाधिक नक्सली हमले 2004 से 2014 में संप्रग सरकार के दौरान हुए थे और विपक्षी पार्टी उस समय इस समस्या को समाप्त कर सकती थी, लेकिन उसने इससे मुंह मोड़ लिया।

लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयास पर चर्चा में भाग लेते हुए आंध्र प्रदेश की सांसद ने कहा, ‘‘देश में सबसे अधिक नक्सली हमले 2004 से 2014 के बीच हुए। कांग्रेस चाहती तो नक्सलवाद की समस्या को खत्म कर सकती थी। लेकिन उसने इस समस्या से मुंह मोड़ लिया।’’

उन्होंने कहा कि उनका पैतृक गांव एक समय नक्सलवाद से प्रभावित था और बचपन में ऐसी स्थिति थी कि उनके पिता का शाम को सुरक्षित घर लौटने का इंतजार किया जाता था।

तेदेपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माओवाद की जगह मानववाद को बढ़ावा दिया है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अरुण भारती ने कहा कि बिहार में एक समय 23 जिले वामपंथी उग्रवाद की जकड़ में थे, लेकिन आज लगभग पूरा बिहार नक्सलमुक्त होने के कगार पर है।

भाषा वैभव हक

हक


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