हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार अवसरों को उपलब्धियों में बदलने में नाकाम रही: नड्डा
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार अवसरों को उपलब्धियों में बदलने में नाकाम रही: नड्डा
शिमला, 13 जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने शनिवार को कहा कि केंद्र से अभूतपूर्व मदद मिलने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार अवसरों को उपलब्धियों में बदलने में नाकाम रही।
उन्होंने यहां मीडिया से कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस विकास व सुशासन, दोनों ही मोर्चों पर विफल रही है और राज्य में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में (विपक्ष को) जनता का भारी समर्थन कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक स्पष्ट जनमत है।
नड्डा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे मुख्यमंत्री का कार्यालय ही ‘अतिरिक्त प्रभार’ के तौर पर चलाया जा रहा है और राज्य की असली बागडोर शिमला के बजाय दिल्ली से नियंत्रित की जा रही है।
उन्होंने कहा, “सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने ‘सिस्टम में बदलाव’ का नारा दिया था लेकिन आज राज्य प्रशासनिक अव्यवस्था, अनिर्णय और नीतिगत अराजकता के माहौल में फंसा हुआ है।”
नड्डा ने कहा, “देश में शायद ही कोई और ऐसा उदाहरण हो जहां मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे अहम पदों को ‘अतिरिक्त प्रभार’ के आधार पर चलाया जा रहा हो।”
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि वरिष्ठ नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं और अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, फिर भी जवाबदेही का कहीं अता-पता नहीं है।
नड्डा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक विफलता और नेतृत्व के संकट को उजागर करती है।
उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य को मिली मदद का जिक्र करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश को वित्त वर्ष 2024-25 में विशेष सहायता योजना, एनडीआरएफ और बाहरी मदद वाली परियोजना के तहत कुल 6,537 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिली।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में अभी 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि रेलवे के लिए 2,911 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड मदद मंजूर की गयी है और 13,168 करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी रेल परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नड्डा ने कहा कि आईआईएम-सिरमौर, आईआईआईटी-ऊना, स्मार्ट सिटी मिशन, रेणुका जी बांध और लुहरी परियोजना जैसी कई विकास योजनाएं हिमाचल के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का सबूत हैं।
उन्होंने बताया कि एम्स-बिलासपुर, मेडिकल कॉलेज, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर और आईजीएमसी शिमला के लिए हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई लेकिन हिमाचल सरकार अब भी इनके कार्यान्वयन में पीछे है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र ने 11 अक्टूबर 2022 को ही ‘बल्क ड्रग पार्क’ परियोजना को मंजूरी दी थी लेकिन राज्य सरकार के सुस्त रवैये और प्रक्रिया से जुड़ी लापरवाही के कारण पर्यावरण मंजूरी मिलने में लगभग तीन साल लग गए तथा इस तीन साल की देरी के कारण निवेश व रोजगार के मौकों का नुकसान हुआ।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
प्रशांत

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