कांग्रेस ने चंद्रचूड़ पर प्रहार किया, भाजपा का विपक्षी दल पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप
कांग्रेस ने चंद्रचूड़ पर प्रहार किया, भाजपा का विपक्षी दल पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप
नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने जमानत के संदर्भ में पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर सोमवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधान न्यायाधीश के पद पर रहते हुए उन्हें ‘‘सही चीज’’ करने से किसने रोका था।
कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी कहा कि उमर खालिद की जमानत याचिका 2023 में दायर की गई थी, लेकिन जब चंद्रचूड़ प्रधान न्यायाधीश थे तब इस पर 10 से अधिक बार सुनवाई स्थगित की गई थी।
उनका कहना था, ‘‘यदि त्वरित सुनवाई संभव नहीं है तो जमानत नियम होना चाहिए, अपवाद नहीं’। एक साहित्य महोत्सव में शानदार शब्द! लेकिन किसने उन्हें सही चीज करने से रोका?’
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधान न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, 2023 में उच्चतम न्यायालय में (उमर खालिद की) जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे 10 से अधिक बार स्थगित किया गया था। उन्होंने इस जमानत याचिका को बेला त्रिवेदी की पीठ को भेजा था, यह जानते हुए कि इसका क्या हश्र होगा।’’
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक निकायों पर हमला कर रही है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘वोटबैंक के नाम पर शरजील-उमर बचाओ गैंग काम पर। कांग्रेस अब उच्चतम न्यायालय के विवेक पर सवाल उठाती है। पूर्व प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ पर हमला करती है। न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी पर हमला करती है। उनकी ईमानदारी पर सवाल उठा रही है।’
चंद्रचूड़ ने रविवार को जयपुर साहित्यिक महोत्सव में कहा था कि दोषसिद्धि से पहले जमानत प्राप्त करना एक नागरिक का अधिकार है।
इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि जिन मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा शामिल हो, उनमें इस प्रकार की राहत देने से पूर्व मामले की गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए।
भाषा हक
हक माधव
माधव


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