कांग्रेस विधायकों ने सरकारी नौकरी भर्ती के मुद्दे पर हरियाणा विधानसभा से बहिर्गमन किया

कांग्रेस विधायकों ने सरकारी नौकरी भर्ती के मुद्दे पर हरियाणा विधानसभा से बहिर्गमन किया

कांग्रेस विधायकों ने सरकारी नौकरी भर्ती के मुद्दे पर हरियाणा विधानसभा से बहिर्गमन किया
Modified Date: February 24, 2026 / 12:35 am IST
Published Date: February 24, 2026 12:35 am IST

चंडीगढ़, 23 फरवरी (भाषा) हरियाणा विधानसभा में सोमवार को विपक्षी दल कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के सदस्यों के बीच नौकरी भर्ती के मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से कुछ देर के लिए बहिर्गमन किया।

प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत बाद, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा की जाने वाली भर्तियों के संबंध में विपक्षी दल द्वारा प्रस्तुत स्थगन प्रस्ताव के बारे में जानकारी मांगी।

कांग्रेस ने हाल में आरोप लगाया था कि हरियाणा के बाहर के उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों में अनुपातहीन रूप से अधिक हिस्सेदारी मिल रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि एचपीएससी सभी विज्ञापित पदों को भरने में असमर्थ है।

अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस सदस्य को बताया कि इस मामले पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस के अन्य सदस्य स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग को लेकर अपनी सीट से खड़े हो गए।

अध्यक्ष ने उनसे कहा कि नियमों के अनुसार, केवल अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को ही स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन अपने प्रस्ताव में उन्होंने पिछले 11 वर्षों में हुई भर्तियों के बारे में जवाब मांगा था।

विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा, ‘आपने पहले कहा कि यह विचाराधीन है और फिर अगले ही क्षण आपने कहा कि इसे खारिज कर दिया गया है।’

इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी बहस के बाद, कांग्रेस विधायक कुछ देर के लिए सदन से बाहर चले गए।

बाद में, दिन की कार्यवाही समाप्त होने पर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार किसी भी चर्चा से पीछे नहीं हटती और वे एचपीएससी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, जिसे कांग्रेस उठाना चाहती है।

सैनी ने कहा, ‘हम कांग्रेस से अनुरोध करते हैं कि वह हमारी बात सुने और अपनी आदत के अनुसार कार्यवाही से बहिर्गमन न करें।’

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश


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