कांग्रेस वीबी-जी राम जी के बारे में ‘झूठ’ फैला रही: शिवराज चौहान

कांग्रेस वीबी-जी राम जी के बारे में ‘झूठ’ फैला रही: शिवराज चौहान

कांग्रेस वीबी-जी राम जी के बारे में ‘झूठ’ फैला रही: शिवराज चौहान
Modified Date: January 19, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: January 19, 2026 7:40 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पर ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि नया अधिनियम काम के अधिकार को मजबूत करेगा।

यहां संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने मनरेगा की जगह लेने वाले नये अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष यह ‘‘झूठ’’ फैला रहा है कि इस योजना के तहत रोजगार केवल कुछ पंचायतों में ही प्रदान किया जाएगा।

कांग्रेस ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने के विरोध में 10 जनवरी को 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की।

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विपक्षी दल विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहा है।

चौहान ने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से कहना चाहता हूं कि वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाकर वे कांग्रेस को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने विचार, विचारधारा और आदर्श को त्याग दिया है… राष्ट्र सर्वोपरि, देश के विकास के विचार के साथ वीबी-जी राम जी गांवों के विकास के लिए है।’’

चौहान ने कहा, ‘‘हमने मनरेगा को बेहतर बनाने की कोशिश की। इसका सबूत यह है कि हमने लगभग नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि संप्रग सरकार ने लगभग दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे।’’

चौहान ने दावा किया कि मनरेगा के तहत सृजित लगभग 10 करोड़ संपत्तियों में से लगभग 8.5 करोड़ संपत्तियां नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गईं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कहना ‘‘झूठ’’ है कि काम के अधिकार को छीना जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम 100 दिन काम के बजाए, अब 125 दिन काम दे रहे हैं… सिर्फ काम करने का अधिकार ही नहीं, हमने 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया है… आपने कागज़ पर अधिकार दिया, हमने ज़मीनी स्तर पर इसे और मज़बूत किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे यह गलत सूचना फैला रहे हैं कि रोजगार सिर्फ कुछ पंचायतों में ही दिया जाएगा। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सभी पंचायतों में लागू की जाएगी।’’

विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं द्वारा आलोचना किए जा रहे 60:40 केंद्र-राज्य निधि अनुपात पर चौहान ने कहा, ‘‘राज्यों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र पहले से ही अधिक धन दे रहा है। राज्य जो निवेश करेंगे वह गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा।’’

उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिसमें से 95,600 करोड़ रुपये से अधिक केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे।

विपक्षी दलों द्वारा योजना के मांग-आधारित स्वरूप को कमजोर किए जाने संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए चौहान ने स्पष्ट किया कि मॉडल मांग आधारित ही रहेगा, लेकिन अब ध्यान मनमानी परियोजनाओं के बजाय ग्राम पंचायतों द्वारा निर्धारित उत्पादक और उपयोगी कार्यों पर केंद्रित होगा।

मंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना छह महीने में लागू कर दी जाएगी और तब तक मनरेगा जारी रहेगा।

कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने वीबी जी राम जी योजना की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि यह मनरेगा के अधिकार आधारित ढांचे को कमजोर करती है।

कार्यकर्ताओं और श्रमिक संघों का कहना है कि नया कानून काम की कानूनी गारंटी को कमजोर कर सकता है और यह भी आरोप लगाया है कि यह योजना मनरेगा की तुलना में अधिक केंद्रीकृत है, जिसे व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने दावा किया है कि देश की ग्रामीण आबादी के लिए काम अब एक ‘‘रेवड़ी’’ बन जाएगा, जिसे सरकार के निर्णयानुसार उन्हें सौंपा जाएगा और यह अब उनका अधिकार नहीं रहेगा।

भाजपा नीत केंद्र सरकार ने हालांकि, इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

भाषा सुभाष प्रशांत

प्रशांत


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