बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव जीतेगी कांग्रेस: सिद्धरमैया का दावा

बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव जीतेगी कांग्रेस: सिद्धरमैया का दावा

बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव जीतेगी कांग्रेस: सिद्धरमैया का दावा
Modified Date: April 21, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:05 pm IST

चामराजनगर (कर्नाटक), 21 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को दावा किया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट पर जीत हासिल करेगी, जहां नौ अप्रैल को उपचुनाव के लिए मतदान हुए थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एच वाई मेती (बागलकोट) और शमनूर शिवशंकरप्पा (दावणगेरे दक्षिण) के निधन के कारण उपचुनाव आवश्यक हो गए थे। नतीजे चार मई को आएंगे।

एक सवाल के जवाब में सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम दोनों सीट जीतेंगे।’’

भाजपा ने पूर्व विधायक और 2023 में पराजित उम्मीदवार वीरभद्रय्या चरंतिमठ को बागलकोट से और एक नया चेहरा श्रीनिवास टी दासकरियप्पा को दावणगेरे दक्षिण से मैदान में उतारा है।

कांग्रेस ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बनाया है। बागलकोट से उम्मीदवार उमेश मेती, एच वाई मेती के बेटे हैं, जबकि दावणगेरे दक्षिण से समर्थ मल्लिकार्जुन, शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं।

दावणगेरे दक्षिण से कांग्रेस द्वारा मुस्लिम उम्मीदवार न उतारने और इसके परिणामस्वरूप कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं में व्याप्त असंतोष पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब आलाकमान ने उम्मीदवार का चयन किया, तब अल्पसंख्यक समुदाय के नेता उपस्थित थे। यह निर्णय उनकी उपस्थिति में लिया गया था और उन्होंने इसे स्वीकार किया था। फिर उनमें से कुछ ने बाद में इसका विरोध क्यों किया?’’

उपचुनाव के एक दिन बाद, मुस्लिम नेताओं के एक समूह ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय से कुछ पार्टी सदस्यों ने दावणगेरे दक्षिण में पार्टी के उम्मीदवार को हराने की साजिश रची। इस समूह में विधान परिषद के मुख्य सचेतक सलीम अहमद, विधायक रिजवान अरशद और यासिर अहमद खान पठान तथा एमएलसी बिलकिस बानो थे। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने सभी पहलुओं पर विचार करने और मुस्लिम नेताओं को विश्वास में लेने के बाद समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार नामित किया था।

आरोपों के बाद कांग्रेस ने एमएलसी के. अब्दुल जब्बार की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी, जबकि सिद्धरमैया ने एक अन्य एमएलसी नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से हटा दिया।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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