संविधान संशोधन विधेयक : शिमला में भाजपा महिला मोर्चा ने विपक्ष के विरूद्ध निकाली रैली
संविधान संशोधन विधेयक : शिमला में भाजपा महिला मोर्चा ने विपक्ष के विरूद्ध निकाली रैली
(तस्वीरों के साथ)
शिमला, 23 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला मोर्चा की हिमाचल प्रदेश इकाई की अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने सोमवार को विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान करने को लेकर जमकर निशाना साधा और विधेयक के गिर जाने के दिन को ‘लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन’ करार दिया।
उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने और उन्हें वास्तविक सशक्तीकरण से वंचित रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों महिलाओं की गरिमा पर हमला है। इसका असर अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है।’’
ठाकुर यहां भाजपा के महिला मोर्चे द्वारा आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में बोल रही थीं, जो विपक्षी दलों द्वारा विधेयक के खिलाफ मतदान करने के विरोध में आयोजित की गई थी।
ठाकुर के नेतृत्व में निकाली गई रैली में हजारों महिलाओं ने भाग लिया। इस रैली में भाजपा की हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह-प्रभारी संजय टंडन और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर भी मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा की प्रदेश महासचिव पायल वैद्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, या महिला आरक्षण कानून, पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की निर्णय लेने में भागीदारी को संस्थागत रूप देने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया था लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक कारणों से इस अवसर का गला घोंट दिया।”
विधायक रीना कश्यप ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर रैली को बाधित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को ले जाने वाली बसों, विशेष रूप से सोलन और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली बसों को जानबूझकर रोका गया, उनमें देरी की गई और उनका मार्ग बदला गया।
बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का महिला विरोधी रुख अब पूरी तरह से उजागर हो गया है और राज्य भर की महिलाएं अगले चुनाव में लोकतांत्रिक तरीकों से इसका जवाब देंगी।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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