कुकर बम विस्फोट मामला: भाजपा का कांग्रेस पर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का आरोप
कुकर बम विस्फोट मामला: भाजपा का कांग्रेस पर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का आरोप
बेंगलुरु, 28 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलुरु कुकर बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी को दोषी ठहराए जाने तथा उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद मंगलवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए उस पर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और अन्य कांग्रेस नेताओं को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से पहले इस घटना को तवज्जो नहीं दी थी।
पार्टी ने ‘एक्स’ पर शिवकुमार का पुराना वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह कथित तौर पर कुकर विस्फोट को लेकर सवाल उठाते हुए, इसकी गंभीरता पर संदेह जताते नजर आते हैं।
अशोक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह कर्नाटक के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए काम करने वाले लोग, जो कुछ वोटों के लिए राष्ट्र-विरोधी तत्वों का बचाव करते हैं, मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंगलुरु कुकर बम विस्फोट को पहले “ध्यान भटकाने वाली राजनीति” करार दिया गया था और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसकी गंभीरता को तवज्जो नहीं दिया था लेकिन बाद के घटनाक्रमों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
भाजपा की कर्नाटक इकाई ने भी इसी तरह के आरोप दोहराते हुए कहा कि जो नेता पहले इस घटना का मजाक उड़ा रहे थे, अब सच्चाई उनके सामने है।
पार्टी ने कहा, “इसी मामले में आतंकी शारिक के कृत्य साबित हो चुके हैं और एनआईए अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर भी कांग्रेस का तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति उजागर हो गई है।”
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा चुनावी लाभ महत्वपूर्ण है और उसे अब आतंकवादियों का बचाव बंद करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी से संबंधित एक विशेष अदालत ने सोमवार को इस मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शारिक को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर कुल 94,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शारिक एक ऑटोरिक्शा में आईईडी लगा प्रेशर कुकर लेकर जा रहा था जिसे मंगलुरु के कदरी मंजूनाथ मंदिर में रखा जाना था ताकि आतंक फैलाया जा सके।
हालांकि, 19 नवंबर 2022 को यह कम तीव्रता वाला विस्फोटक रास्ते में ही दुर्घटनावश फट गया।
शारिक ने शुरुआत में खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन बाद में दिसंबर 2025 में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 229 के तहत उसने दोष स्वीकार कर लिया, जिसे अदालत ने मान लिया।
अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में 10-10 वर्ष की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेंगी।
अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया और जुर्माना न चुकाने की स्थिति में एक से छह महीने तक की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया। साथ ही न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया गया और वसूले गए जुर्माने का उपयोग अभियोजन खर्चों के लिए करने को कहा गया।
इसी मामले में दूसरे आरोपी की न्यायिक हिरासत 21 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है और अगली सुनवाई पर उसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश

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