अदालत ने जी5 की वृत्तचित्र-श्रृंखला के शीर्षक से ‘लॉरेंस’ और ‘पंजाब’ शब्द हटाने का निर्देश दिया

अदालत ने जी5 की वृत्तचित्र-श्रृंखला के शीर्षक से ‘लॉरेंस’ और ‘पंजाब’ शब्द हटाने का निर्देश दिया

अदालत ने जी5 की वृत्तचित्र-श्रृंखला के शीर्षक से ‘लॉरेंस’ और ‘पंजाब’ शब्द हटाने का निर्देश दिया
Modified Date: May 12, 2026 / 12:26 am IST
Published Date: May 12, 2026 12:26 am IST

चंडीगढ़, 11 मई (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सोमवार को जी5 की ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नामक वृत्तचित्र-शृंखला की रिलीज के खिलाफ केंद्र सरकार के परामर्श को रद्द कर दिया और निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे इसके शीर्षक से ‘‘लॉरेंस’’ और ‘‘पंजाब’’ शब्द हटाएं।

यह आदेश ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ की उस याचिका पर आया, जिसमें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के परामर्श को चुनौती दी गई थी।

याचिकाकर्ता के वकील अमित झांजी ने बताया कि न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल की पीठ ने केंद्र के परामर्श को रद्द कर दिया।

उन्होंने कहा कि वृत्तचित्र-शृंखला के शीर्षक में न ‘लॉरेंस बिश्नोई’ और न ही ‘पंजाब’ शब्द का इस्तेमाल होगा, जिससे इसकी रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।

अदालत ने वृत्तचित्र-शृंखला खुद देखी और पाया कि यह किसी व्यक्ति विशेष का महिमामंडन करती नहीं दिखती।

केंद्र सरकार ने पिछले माह ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नामक वृत्तचित्र-शृंखला को रिलीज न करने का परामर्श जारी किया था। यह शृंखला कथित तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित है।

पंजाब के महाधिवक्ता एम.एस. बेदी ने वृत्तचित्र-शृंखला की रिलीज का विरोध करते हुए कहा कि यह संगठित अपराध को सामान्य बनाकर युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को जी5 पर 27 अप्रैल को रिलीज किया जाना था।

भाषा खारी संतोष

संतोष


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