अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को जमानत दी

अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को जमानत दी

अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को जमानत दी
Modified Date: June 6, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: June 6, 2026 12:22 am IST

प्रयागराज, पांच जून (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में आरोपी को ‘‘भारी और दुखी मन से’’ जमानत प्रदान की।

जमानत देते हुए अदालत ने राज्य सरकार से अपेक्षा की कि वह एफएसएल (फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) को अत्याधुनिक मशीनें और पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध कराएगी। अदालत ने निबंधक (अनुपालन) को इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया ताकि मुख्यमंत्री इस पर गौर करें।

न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने एटा जिले में 2025 में दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी मनोज नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका इसलिए मंजूर कर ली क्योंकि डीएनए प्रोफाइल पर्याप्त रूप से तैयार नहीं होने के कारण एफएसएल रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि मृतका के शरीर से मिले नमूने आरोपी के थे या नहीं। अदालत ने प्रदेश में स्थित एफएसएल के आधारभूत ढांचे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

पीठ ने कहा, “इस अदालत के समक्ष ढेरों ऐसे मामले आए हैं जहां दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या कर दी गई। उन मामलों में पीड़िता के शरीर पर मिले नमूने और आरोपी के डीएनए का नमूना एफएसएल को भेजा गया, लेकिन ज्यादातर मामलों में एफएसएल रिपोर्ट से डीएनए प्रोफाइल पूर्ण नहीं होने की वजह से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका।’’

अदालत ने 21 मई के अपने आदेश में कहा, ‘‘एफएसएल में पुरानी मशीनें और अपूर्ण बुनियादी ढांचा, डीएनए प्रोफाइल तैयार नहीं होने का मुख्य कारण है और इसके लिए राज्य सरकार के अलावा किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता जिसके पास एफएसएल को बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के मुद्दे के अलावा विचार के लिए कई अन्य मुद्दे हैं।”

भाषा सं राजेंद्र धीरज

धीरज


लेखक के बारे में