अदालत ने धार्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा का आदेश जारी किया

अदालत ने धार्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा का आदेश जारी किया

अदालत ने धार्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा का आदेश जारी किया
Modified Date: April 3, 2026 / 01:08 pm IST
Published Date: April 3, 2026 1:08 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने धार्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके नाम, आवाज और तस्वीर के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है।

साथ ही अदालत ने उनके नाम या छवि का उपयोग करके मीम, वीडियो या कृत्रिम बुद्धिमत्ता या डीफेक सामग्री समेत किसी प्रकार की अन्य सामग्री बनाने पर भी रोक लगायी है।

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने 30 मार्च को ‘पूकी बाबा’ के नाम से मशहूर अनिरुद्धाचार्य द्वारा दायर याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया।

अदालत ने सोशल मीडिया मंचों मेटा, एक्स तथा गूगल को निर्देश दिया कि वे वादी द्वारा चिह्नित आपत्तिजनक सामग्री को हटाएं, जिसमें उनकी पहचान का अवैध उपयोग या नकल की गई है।

अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया वादी के पक्ष में मजबूत मामला बनता है, क्योंकि वह एक प्रसिद्ध, लोकप्रिय और व्यापक रूप से स्वीकार्य व्यक्ति हैं।

अदालत ने कहा कि उनके द्वारा चिह्नित सामग्री केवल ‘‘व्यंग्य’’ नहीं है, बल्कि वह अपमानजनक है और उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है।

उच्च न्यायालय के अनुसार, वादी की छवि और व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचने की आशंका प्रथम दृष्टया वास्तविक प्रतीत होती है।

अनिरुद्धाचार्य ने आरोप लगाया कि कई संस्थाएं बिना अनुमति, लाइसेंस या सहमति के उनके व्यक्तित्व का दुरुपयोग कर रही हैं, ताकि उनकी प्रतिष्ठा, व्यावसायिक मूल्य और लोकप्रियता का अनुचित लाभ उठाकर अवैध कमायी की जा सके।

उनके वकील ने दलील दी कि कुछ भ्रामक और मनगढ़ंत सामग्री इस तरह प्रसारित की जा रही है, जिससे यह झूठा आभास होता है कि वह धोखाधड़ी वाली योजनाओं तथा नकली उत्पादों और सेवाओं का समर्थन करते हैं या उनसे जुड़े हुए हैं।

वकील ने यह भी कहा कि इन पोस्ट्स में उनके उपदेशों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिससे उनके अनुयायियों के बीच उनकी साख को नुकसान पहुंच रहा है और आम लोगों के गुमराह होने का खतरा भी बढ़ रहा है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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