कोविड-19: फरवरी में चौथी बार 10 हजार से कम नए मामले आए सामने

कोविड-19: फरवरी में चौथी बार 10 हजार से कम नए मामले आए सामने

कोविड-19: फरवरी में चौथी बार 10 हजार से कम नए मामले आए सामने
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: February 16, 2021 5:49 am IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) भारत में कोविड-19 मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। फरवरी माह में चौथी बार कोविड-19 के नए मामलों की संख्या 10 हजार से कम 9,121 रहने के साथ ही, देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,09,25,710 हो गए। वहीं, इस वायरस के संक्रमण से एक दिन में 100 से कम लोगों की मौत हुई। फरवरी में 10वीं बार ऐसा हुआ है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार की सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से 81 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,55,813 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,06,33,025 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही, देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 97.32 प्रतिशत हो गई। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.43 प्रतिशत है।

देश में अभी उपचाराधीन लोगों की संख्या डेढ़ लाख से कम है। अभी कुल 1,36,872 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है। यह आंकड़ा कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत है।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 15 फरवरी तक 20,73,32,298 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। इनमें से 6,15,664 नमूनों का परीक्षण सोमवार को किया गया था।

आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से पिछले 24 घंटे में जिन 81 लोगों की मौत हुई, उनमें महाराष्ट्र के 23, केरल के 13 और पंजाब के 10 लोग थे।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से अभी तक कुल 1,55,813 लोगों की मौत हुई, जिनमें से महाराष्ट्र के 51,552, तमिलनाडु के 12,425, कर्नाटक के 12,267, दिल्ली के 10,893, पश्चिम बंगाल के 10,233, उत्तर प्रदेश के 8,704 और आंध्र प्रदेश के 7,163 लोग थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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