Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi: शर्मनाक हार के बाद भड़के पूर्व कप्तान, इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में इस खिलाड़ी को शामिल करने की मांग की
Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi: हार के बाद भड़के पूर्व कप्तान, इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में इस खिलाड़ी को शामिल करने की मांग की
Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi/Photo Credit: Social Media
- सुनील गावस्कर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 से ही प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना चाहिए
- आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में भारतीय बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम संयोजन को लेकर बहस तेज हो गई है
- सूर्यवंशी को जगह देने के लिए किसी वरिष्ठ बल्लेबाज को बाहर बैठाने जैसे कठिन फैसले लेने पड़ सकते हैं
नई दिल्ली। Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi: प्रतिभाशाली वैभव सूर्यवंशी के लिए एक मजबूत टीम में कैसे जगह बनाई जाए, यह भारतीय टीम के ब्रिटेन दौरे से पहले सबसे बड़ा सवाल था और अब आयरलैंड से दो मैच में अप्रत्याशित हार के बाद लगता है कि टीम प्रबंधन को इसके लिए कोई ना कोई तरीका निकालना ही होगा। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने आज तक से कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उन्हें आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में अंतिम एकादश में जगह मिलनी चाहिए थी।
क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद थी कि 15 वर्षीय सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल जाएगा लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन प्रक्रिया का पालन करने पर अडिग रहा जिसमें पहले से आजमाए गए खिलाड़ियों को पर्याप्त मौका देना शामिल है। लेकिन अब लगता है कि इस प्रक्रिया की समीक्षा करने का समय आ गया है।
Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी ने टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था और इसलिए वह इस श्रृंखला में खेलने के हकदार थे। यही वजह थी कि सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। लेकिन अब लगता है कि सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह देनी ही होगी। ऐसा तभी नहीं होगा जबकि मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाले टीम प्रबंधन को यह लगता हो कि सैमसन और अभिषेक की जोड़ी का कोई सानी नहीं है।
चयन प्रक्रिया उतनी सरल नहीं होती जितनी दिखती है, लेकिन भारतीय टीम के रणनीतिकारों को एक जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के लिए उपयुक्त समाधान ढूंढना होगा। पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड को देखें तो इंग्लैंड की पिचें थोड़ी सपाट रहने की संभावना है।
Sunil Gavaskar On Vaibhav Suryavanshi पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने आज तक से कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उन्हें आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में अंतिम एकादश में जगह मिलनी चाहिए थी। अभिषेक और सैमसन को एक-एक मैच में मौका दिया जा सकता था और सूर्यवंशी को दोनों मैचों में मौका दिया जा सकता था। इस प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को आजमाने के लिए यह एक अच्छा मंच था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सूर्यवंशी को इंग्लैंड में पहले मैच से ही खिलाना होगा। टीम प्रबंधन को खराब फॉर्म वाले बल्लेबाजों को बाहर करके सूर्यवंशी को मौका देना चाहिए। भले ही आप अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों को टीम में बनाए रखते हुए उन्हें तीसरे नंबर पर उतारें लेकिन सूर्यवंशी को एक जुलाई को इंग्लैंड में होने वाले पहले मैच में खेलना ही होगा। अगर आप पहले मैच में इंग्लैंड पर जीत दर्ज करना चाहते हैं तो सूर्यवंशी को खेलना ही होगा।’’
अगर टीम प्रबंधन सैमसन-अभिषेक की जोड़ी को नहीं बदलना चाहता, तो ईशान किशन समेत बाकी बल्लेबाजों को एक स्थान नीचे आना होगा। इस नए क्रम में सूर्यवंशी तीसरे, किशन चौथे, श्रेयस अय्यर पांचवें, तिलक वर्मा छठे, शिवम दुबे सातवें और अक्षर पटेल आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो सूर्यांश शेडगे को इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में जगह नहीं मिलेगी। अगर शिवम दुबे सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं, तो उनसे चार ओवर गेंदबाजी करने की उम्मीद की जाएगी क्योंकि शीर्ष क्रम में केवल अभिषेक ही कामचलाऊ स्पिनर हैं। दुबे का स्तर हार्दिक पंड्या जैसा नहीं हैं और टी20 टीम में वह ज़्यादा से ज़्यादा छठे गेंदबाज ही हो सकते हैं। असली समस्या यहीं से शुरू होती है।
भारत के सभी टी20 बल्लेबाजों को आईपीएल में बड़े शॉट लगाना पसंद है, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनके पास एक इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में एक विकल्प मौजूद है। ऐसी स्थिति में जब वह मुश्किल पिच पर खेलते हैं तो उनके लिए समस्या पैदा हो जाती है। भारत जब इस तरह के मुश्किल विकेट पर खेलता है और वह आक्रामक रवैया बनाए रखकर अपने ‘प्लान बी’ को नजरअंदाज करता है तो उसके बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
अगर सैमसन और अभिषेक की सलामी जोड़ी बरकरार रखकर सूर्यवंशी को टीम में रखा जाता है और पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को भी बरकरार रखा जाता है तो ऐसे में किशन और तिलक वर्मा में से किसी को बाहर करना होगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सबसे तार्किक समाधान सैमसन को टीम से बाहर करना होगा। वह आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में नहीं चल पाए थे। गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में वह लय में नजर नहीं आए। अगर टीम प्रबंधन को गेंदबाजी में संतुलन बनाए रखना है तो उसे सैमसन से बात करनी होगी। यह मुश्किल फैसला होगा लेकिन सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में रखने के लिए कुछ कड़े फैसले तो लेने ही होंगे।
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