कोविड-19 : आदिवासी समूहों की रक्षा के लिए एनएचआरसी ने मंत्रालयों और राज्यों को परामर्श जारी किया

कोविड-19 : आदिवासी समूहों की रक्षा के लिए एनएचआरसी ने मंत्रालयों और राज्यों को परामर्श जारी किया

कोविड-19 : आदिवासी समूहों की रक्षा के लिए एनएचआरसी ने मंत्रालयों और राज्यों को परामर्श जारी किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:23 pm IST
Published Date: June 4, 2021 7:10 pm IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दो केंद्रीय मंत्रालयों तथा राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी करके 75 विशेष तौर पर जोखिम वाले आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के कई सदस्यों में कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर उनके मानवाधिकार सुरक्षित करने के लिए परामर्श जारी किया है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आयोग ने परामर्श जारी करके कहा है कि कई पीवीटीजी पहले से ही अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अगर कोविड-19 उन्हें संक्रमित करता है तो वे जीवित नहीं रह पाएंगे जो ‘‘ मानवता और मानवीय नस्लों की विविधता की बड़ी क्षति होगी।’’

बयान में कहा गया, ‘‘एनएचआरसी ने 75 पीवीटीजी के सदस्यों में कोविड-19 संक्रमण फैलने को लेकर मीडिया की खबरें आने के बाद उनके मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उनकी आबादी एक लाख से कम है।’’

आयोग ने यह पत्र अपने महासचिव बिम्बधर प्रधान के जरिये केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को भेजा है।

भाषा धीरज अमित

अमित


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