केरल में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर माकपा, भाजपा आमने-सामने
केरल में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर माकपा, भाजपा आमने-सामने
तिरुवनंतपुरम, 19 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरे वंदे मातरम् के गायन की आलोचना करते हुए मंगलवार को इसे “गलत कदम” बताया और कहा कि यह “बहुलतावादी समाज में उचित नहीं है।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने माकपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वामपंथी “वंदे मातरम्” का अपमान कर रहे हैं ताकि वे “जमात-ए-इस्लामी और एसडीपीआई जैसे कट्टर वोट-बैंक समूहों को खुश कर सकें।”
नयी सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार समारोह का आयोजन लोक भवन ने किया था और सरकार की इसके आयोजन में कोई भूमिका नहीं थी।
शपथ ग्रहण के एक दिन बाद, वी डी सतीशन के नेतृत्व वाली कैबिनेट को लेकर माकपा राज्य सचिवालय ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने 1937 में ही यह राय दी थी कि “वंदे मातरम्” के सभी हिस्सों का गायन बहुलतावादी समाज के लिए उपयुक्त नहीं है, जिसके चलते कुछ हिस्सों को हटाया गया था।
पार्टी ने यह भी कहा कि संविधान सभा ने 1950 में स्पष्ट किया था कि केवल इसके स्वीकृत संस्करण की पहली आठ पंक्तियों को ही राष्ट्रगीत माना जाना चाहिए।
माकपा ने कहा कि गीत के कुछ हिस्से धार्मिक भावनाओं से जुड़े हैं और आधिकारिक समारोहों में पूरे संस्करण का उपयोग बहुलतावादी परंपराओं के खिलाफ है।
भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रतिक्रया देते हुए कहा, “माकपा अब ‘वंदे मातरम्’ पर सवाल उठाकर जनता द्वारा पूरी तरह से नकारे जाने की शर्मिंदगी छिपाने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में वामपंथियों पर आरोप लगाया कि वे भारत की संस्कृति और परंपराओं से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने मार्क्सवाद को “आयातित विचारधारा” बताया।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश

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