भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक हैं शिल्पकार : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक हैं शिल्पकार : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक हैं शिल्पकार : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
Modified Date: January 31, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: January 31, 2026 4:22 pm IST

(फोटो के साथ)

फरीदाबाद, 31 जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि शिल्पकार भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक हैं।

राधाकृष्णन ने यहां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के 39वें संस्करण का उद्घाटन करने के अवसर पर यह बात कही।

एक बयान के मुताबिक सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है और इसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों की हस्तशिल्प, हथकरघा, संस्कृति और व्यंजनों की बेहतरीन परंपराओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ शिल्पकार भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक हैं तथा यह मेला राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा और आत्मनिर्भर भावना को प्रतिबिंबित करता है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के लोकाचार को समाहित करता है।’’

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री एवं फरीदाबाद के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर तथा हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सहयोगी देश मिस्र के पवेलियन का भी दौरा किया और वहां प्रदर्शित हस्तशिल्प की सराहना की। उन्होंने मेले में अन्य पवेलियनों का भी दौरा किया।

राधाकृष्णन ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी देखा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाली कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति की सराहना की।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष


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