देशभर में अपराध में छह फीसदी की कमी आई: एनसीआरबी

देशभर में अपराध में छह फीसदी की कमी आई: एनसीआरबी

देशभर में अपराध में छह फीसदी की कमी आई: एनसीआरबी
Modified Date: May 6, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: May 6, 2026 9:55 pm IST

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा बुधवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देशभर में 2024 में 58.85 लाख अपराध के मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 के 62.41 लाख मामलों की तुलना में छह प्रतिशत कम है।

अपराध दर का आशय प्रति लाख जनसंख्या पर दर्ज अपराध के मामलों की संख्या से है। अपराध दर वर्ष 2023 में 448.3 थी जो घटकर 2024 में 418.9 रह गई।

आंकड़ों से पता चला कि भारतीय दंड संहिता की धारा 325, 326 और 329-335 के तहत ‘चोट’ श्रेणी में दर्ज मामलों में 30.58 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। ‘चोट’ श्रेणी के तहत दर्ज मामलों की संख्या वर्ष 2023 में 6.36 लाख से अधिक थी जो वर्ष 2024 में घटकर 4.41 लाख से कुछ अधिक रह गई।

हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ‘चोट या गंभीर चोट’ के मामलों में गिरावट का कारण भारतीय न्याय संहिता में 2023 में किए गए बदलाव हो सकते हैं, जिसने भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है।

इन संशोधनों के तहत इन धाराओं को मिला दिया गया है और साधारण ‘चोट’ को संज्ञेय अपराध नहीं बनाया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 के दौरान हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाते हैं। इन अपराधों के पीछे मुख्य कारण ‘विवाद’ था, इसके बाद ‘व्यक्तिगत प्रतिशोध या शत्रुता’ और ‘लाभ’ का स्थान रहा।

महिलाओं के विरुद्ध अपराध में पिछले वर्ष की तुलना में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई क्योंकि वर्ष 2024 में 4.41 लाख मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी।

आंकड़ों के अनुसार ‘पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता’ ऐसे अपराधों का प्रमुख कारण था, इसके बाद अपहरण, नाबालिगों के खिलाफ अपराध और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उन पर हमला जैसे अपराध थे।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रति लाख महिला आबादी पर दर्ज अपराध की दर 2024 में 64.6 थी, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 66.2 था।’’

रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाफ अपराध के कुल 55,698 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 3.6 प्रतिशत की कमी दर्शाते हैं। वर्ष 2023 में 57,789 मामले दर्ज किए गए थे।

अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों में भी 23.1 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई, क्योंकि 2024 में कुल 9,966 मामले दर्ज किए गए जबकि 2023 में दर्ज मामलों की संख्या 12,960 थी।

भाषा संतोष रंजन

रंजन

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