एमएलसी चुनाव में क्रॉस-वोटिंग: कर्नाटक भाजपा प्रमुख, नेता प्रतिपक्ष दिल्ली में नवीन से मिलेंगे
एमएलसी चुनाव में क्रॉस-वोटिंग: कर्नाटक भाजपा प्रमुख, नेता प्रतिपक्ष दिल्ली में नवीन से मिलेंगे
बेंगलुरु, 22 जून (भाषा) भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने सोमवार को कहा कि वह और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र 23 जून को नयी दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलेंगे। दोनों नेता उन्हें राज्य में पिछले हफ्ते हुए विधान परिषद चुनावों के दौरान विधायकों की कथित क्रॉस-वोटिंग के बारे में जानकारी देंगे।
विजयेंद्र ने मंदिर शहर धर्मस्थल में भाजपा विधायक दल की बैठक का प्रस्ताव रखा है और संकेत है कि विधायकों से क्रॉस-वोटिंग के बारे में सच बताने के लिए भगवान मंजूनाथ के सामने ‘प्रमाण’ (शपथ) लेने को कहा जा सकता है। अशोक ने कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पवित्र स्थान का उपयोग न करने की सलाह दी थी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने संवाददाताओं को बताया, “हमने चार दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा था और उन्होंने हमें कल दोपहर का समय दिया है। विजयेन्द्र और मैं उन्हें विधान परिषद चुनावों के दौरान पार्टी विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के बारे में जानकारी देंगे।”
उन्होंने कहा, “हमारे दोनों उम्मीदवार जीत गए। हालांकि, क्रॉस-वोटिंग से साफ पता चलता है कि कुछ विधायकों ने भाजपा के साथ धोखा किया। हमें यह पता लगाना होगा कि वे कौन हैं। इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है और उम्मीद है कि वह आज या कल तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। हम यह रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेज देंगे।”
जब उनसे पूछा गया कि वह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को क्या बताएंगे, तो अशोक ने कहा, “हम उन्हें बताएंगे कि क्या हुआ और क्रॉस-वोटिंग कैसे हुई।”
पार्टी आलाकमान के नाराज होने और उन्हें तलब करने की बात को नकारते हुए उन्होंने कहा, “ऐसा कुछ नहीं है। हमने मुलाकात का समय मांगा था; उन्होंने हमें नहीं बुलाया था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। राज्य में कई बार क्रॉस-वोटिंग हुई है।”
बृहस्पतिवार को हुए विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी भाजपा को दो सीटें मिलीं। जद (एस) ने एक सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे नाकामी मिली।
सूत्रों के मुताबिक, नतीजों से पता चला कि भाजपा और जद (एस) के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, क्योंकि सत्ताधारी पार्टी को कुल 151 मत मिले – जो उम्मीद (140) से 11 ज़्यादा थे।
जब पूछा गया कि क्या पार्टी ने क्रॉस-वोटिंग के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान कर ली है, तो अशोक ने कहा कि शक तो है, लेकिन कोई पक्की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, “सब कुछ सामने आ जाएगा। क्या आपको लगता है कि जिन लोगों ने क्रॉस-वोटिंग की, उन्होंने ऐसा मुफ़्त में किया? कुछ लोग दावा करते हैं कि यह विकास के हित में किया गया था। लेकिन इसमें पैसे का लेन-देन शामिल है। यह और कुछ नहीं बल्कि खरीद-फरोख्त है, भले ही इसे विकास के तौर पर पेश किया जा रहा हो। किसका विकास? चुनाव क्षेत्र का नहीं, अपना निजी विकास।”
उन्होंने कहा कि क्रॉस-वोटिंग में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी के किनारे स्थित धर्मस्थल का इतिहास 800 साल पुराना है।
मान्यता है कि जो कोई भी भगवान मंजुनाथ के सामने झूठ बोलता है, उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
भाषा प्रशांत अविनाश
अविनाश

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