दिल्ली : अदालत ने आईएसआईएस-जेके से संबंध मामले में दो आरोपियों को बरी किया

दिल्ली : अदालत ने आईएसआईएस-जेके से संबंध मामले में दो आरोपियों को बरी किया

दिल्ली : अदालत ने आईएसआईएस-जेके से संबंध मामले में दो आरोपियों को बरी किया
Modified Date: March 20, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: March 20, 2026 12:58 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के प्रति वफादारी दिखाने और इस्लामिक स्टेट जम्मू-कश्मीर (आईएसआईएस-जेके) के सदस्यों के लिए उत्तर प्रदेश से हथियार एवं गोला-बारूद जुटाने के आरोपी दो व्यक्तियों को बरी कर दिया और जांच में खामियों को रेखांकित किया।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने कश्मीर के शोपियां निवासी जमशेद जहूर पॉल और परवेज राशिद लोन को बरी कर दिया जिन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 (षड्यंत्र के लिए दंड) और 20 (आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के लिए दंड) तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।

पुलिस का दावा था कि छह सितंबर 2018 को सूचना मिली थी कि आईएसआईएस से कथित तौर पर जुड़े पॉल व लोन आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियार खरीदने दिल्ली आए हैं।

विशेष प्रकोष्ठ के अनुसार, दोनों को लाल किले के निकट नेताजी सुभाष मार्ग स्थित जामा मस्जिद बस स्टॉप से गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 7.65 एमएम की दो पिस्तौल और दस कारतूस बरामद किए।

बृहस्पतिवार को पारित 79 पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा, “अभियोजन पक्ष दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपना मामला संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा है। अतः दोनों आरोपियों को बरी किया जाता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह साबित नहीं हुआ कि आरोपियों ने कथित साजिश के तहत हथियार खरीदे या एकत्र किए अथवा बीबीएम (ब्लैकबेरी मैसेंजर) तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से अपने आकाओं और सह-आरोपियों से संपर्क किया।

अदालत ने कहा कि छह सितंबर 2018 से पूर्व की अवधि में भी उनके आईएसआईएस के सदस्य होने का आरोप सिद्ध नहीं हो सका।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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