Himachal LPG Cylinder Shortage: मुख्यमंत्री का दावा ‘राज्य में LPG की थोड़ी सी कमी’.. अब उन्हीं के मंत्री, नेताओं, अफसरों के लिए लकड़ी के चूल्हें में पकाया जा रहा खाना

Himachal LPG Cylinder Shortage: हिमाचल में LPG कमी के बीच विधानसभा में लकड़ी चूल्हे पर खाना, सीएम के दावे पर उठे सवाल

Himachal LPG Cylinder Shortage: मुख्यमंत्री का दावा ‘राज्य में LPG की थोड़ी सी कमी’.. अब उन्हीं के मंत्री, नेताओं, अफसरों के लिए लकड़ी के चूल्हें में पकाया जा रहा खाना

Himachal LPG Cylinder Shortage || Image- ANI News File

Modified Date: March 20, 2026 / 04:42 pm IST
Published Date: March 20, 2026 4:13 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हिमाचल में LPG कमी से अजीब हालात
  • मंत्रियों के लिए लकड़ी चूल्हे पर खाना
  • सीएम के दावे पर उठे सवाल

शिमला: हिमाचल प्रदेश में एलपीजी की कमी के चलते अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। राज्य के बजट सत्र के दौरान विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों के लिए खाना अब लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। (Himachal LPG Cylinder Shortage) यह खाना हॉलिडे होम से बनाकर विधानसभा तक पहुंचाया जा रहा है। गौतरलब है कि, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद भी दावा किया था कि, राज्य में LPG गैस की कमी नहीं है और निर्बाध रूप से आपूर्ति की जा रही है।

500 से 600 लोगों के लिए खाना हो रहा तैयार

शुक्रवार को सत्र के छठे दिन एचपीटीडीसी (हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम) के कर्मचारियों ने पारंपरिक तरीके से 500–600 लोगों के लिए खाना तैयार किया। बाद में इसे पैक कर गर्म बक्सों में विधानसभा भेजा गया।

एचपीटीडीसी के शेफ हरविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में पहली बार ऐसी स्थिति देखी है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से गैस की कमी के कारण लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, लेकिन टीम समय पर और गर्म खाना पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रही है।

राज्य के कई ग्रामीण इलाकों जैसे हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और ऊना में सामुदायिक कार्यक्रमों के दौरान लकड़ी के चूल्हे (स्थानीय भाषा में ‘भट्टी’) (Himachal LPG Cylinder Shortage) पर खाना बनाना आम बनात है। ऐसे ही अनुभव का उपयोग अब इस संकट में किया जा रहा है।

‘नहीं देखी रसोई गैस की ऐसी कमी’

एक अन्य शेफ अश्वनी कुमार ने बताया कि वे पारंपरिक तरीके से बड़े पैमाने पर खाना बना रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्यावरण की चिंता भी है। उनका कहना है कि अगर लंबे समय तक लकड़ी का उपयोग बढ़ा, तो इससे पेड़ों की कटाई बढ़ सकती है। इसलिए सूखी लकड़ी के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।

वरिष्ठ शेफ धानी राम, जिनके पास 30 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भी कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसी गैस की कमी नहीं देखी। (Himachal LPG Cylinder Shortage) उन्होंने जल्द से जल्द सामान्य आपूर्ति बहाल करने की जरूरत बताई।

हालांकि यह व्यवस्था मजबूरी में अपनाई गई है, लेकिन इससे पारंपरिक तरीकों और पर्यावरण संतुलन के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत भी सामने आई है। इस बीच, राज्य में ईंधन संकट के चलते विधायक और मंत्री लगातार एलपीजी आपूर्ति का मुद्दा उठा रहे हैं।

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