दिल्ली: छापेमारी के दौरान एक लाख रुपये चुराने वाले सीबीआई अधिकारी को अदालत से जमानत मिली
दिल्ली: छापेमारी के दौरान एक लाख रुपये चुराने वाले सीबीआई अधिकारी को अदालत से जमानत मिली
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति के घर पर छापेमारी के दौरान कथित तौर पर एक लाख रुपये की चोरी करने के आरोपी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अधिकारी को जमानत दे दी।
विशेष न्यायाधीश छवि कपूर आरोपी अधिकारी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थीं।
आरोपी अधिकारी के खिलाफ सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 (आवासीय परिसर में चोरी) के तहत मामला दर्ज किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी अधिकारी एक व्यक्ति के परिसर में की गई छापेमारी के दौरान सीबीआई की तलाशी टीम का सदस्य था।
अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक लाख रुपये चुरा लिए और बाद में उन्हें एक वाहन के मैट के नीचे छिपा दिया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि सीबीआई का अधिकारी होने के बावजूद आरोपी ने चोरी की और एक लोक सेवक पर किए गए भरोसे को तोड़ा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, एक स्वतंत्र गवाह ने आरोपी को रुपये वाहन के मैट के नीचे छिपाते हुए देखा था।
अभियोजन पक्ष ने यह भी दावा किया कि बरामदगी देखने के बाद आरोपी ने अन्य सीबीआई अधिकारियों के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
अदालत ने 25 जून को दिये जमानत आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
अदालत ने कहा कि सभी आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त कर उन्हें फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए एफएसएल भेज दिया गया है, कथित रूप से चोरी की गई राशि बरामद कर ली गई है और एक स्वतंत्र गवाह का बयान भी दर्ज किया जा चुका है।
अदालत ने कहा, “चूंकि जांच के सभी महत्वपूर्ण पहलू पूरे हो चुके हैं, इसलिए मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को आगे हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। आरोपी एक लोक सेवक है और पिछले कई वर्षों से सीबीआई की सेवा में कार्यरत है।”
अदालत ने कहा कि आरोपी के फरार होने की आशंका नहीं दिखती और ऐसी कोई परिस्थिति भी सामने नहीं आई है जिससे यह लगे कि उसे रिहा करने से जांच प्रभावित होगी।
अदालत ने इसके बाद आरोपी को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बांड पर जमानत दे दी।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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