दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी: शिक्षामंत्री सूद
दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी: शिक्षामंत्री सूद
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी। यह दावा राष्ट्रीय राजधानी सरकार के शिक्षामंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में पुस्तकों के वितरण में देरी को लेकर उठी चिंता के बीच किया।
सूद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि छपाई के लिए अपनाई गई निविदा प्रक्रिया के कारण पुस्तकों की आपूर्ति में थोड़ी देरी हुई। छपाई के लिए अपनाई गई इस प्रक्रिया से शिक्षा निदेशालय (डीओई) के लिए लागत में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आती है और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है।
उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों की छपाई बेहतर गुणवत्ता में की जा रही है और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विद्यालयों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए वितरण पहले ही शुरू हो चुका है जबकि अन्य संस्थानों को 20 अप्रैल तक ये पाठ्यपुस्तकें प्राप्त होने की उम्मीद है।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने बुधवार को गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों को निर्देश दिया कि वे छात्रों या अभिभावकों को विशिष्ट विक्रेताओं से किताबें, कॉपी या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर न करें। सरकार ने दोहराया कि परिवारों को अपनी मर्जी के स्थानों से इन वस्तुओं को खरीदने की आजादी होनी चाहिए।
शिक्षा विभाग ने कहा कि यह निर्देश उन शिकायतों के बाद जारी किया गया है जिनमें कहा गया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम (डीएसईएआर), 1973 और शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कुछ विद्यालय अभिभावकों को निर्दिष्ट दुकानों से शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
निर्देश में कहा गया कि विद्यालय निर्धारित वस्तुओं की स्पष्ट, कक्षावार सूचियां प्रदान करें और खुले बाजार में कई क्रय विकल्प सुनिश्चित करें।
कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने भी सरकारी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक वितरण में हो रही देरी पर चिंता जताई थी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के एक सप्ताह बाद भी छात्रों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं।
भाषा धीरज खारी
खारी

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