दिल्ली सरकार के शिक्षक 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा जांचने को तैयार: जीएसटीए
दिल्ली सरकार के शिक्षक 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा जांचने को तैयार: जीएसटीए
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा)दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की मौजूदा पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं से उत्पन्न छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए नए सिरे से और पारंपरिक तरीके से पुनर्मूल्यांकन करने को तैयार हैं। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जीएसटीए ने एक बयान में कहा कि पुनर्मूल्यांकन प्रणाली में तकनीकी समस्याओं के कारण कई छात्रों की शंकाओं का पर्याप्त रूप से समाधान नहीं हो पा रहा था, और सुझाव दिया कि जहां भी आवश्यक हो पारंपरिक ढंग से उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाए।
बयान में कहा गया, ‘‘केवल ऑनलाइन पुनर्मूल्यांकन से छात्रों और उनके अभिभावकों को पूरी तरह से संतुष्टि नहीं मिल सकती है। यदि आवश्यक हो, तो कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का पारंपरिक ढंग से पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए, और सरकारी विद्यालयों के शिक्षक इस कार्य को करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’’
सरकारी शिक्षकों के संगठन ने कहा कि एक अंक भी छात्र के प्रवेश की संभावनाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों और भविष्य के करियर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षा के परिणाम से असंतुष्ट न रहे।
जीएसटीए ने दलील दी कि सामने आ रही समस्याएं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के कार्यान्वयन में ‘खामियों’ और हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों पर पर्याप्त रूप से विचार करने में ‘विफलता’ से जुड़ी हुई हैं।
बयान के मुताबिक, ‘‘समस्या सरकार के इरादे में नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर है, जहां हितधारकों के सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया।’’
यह बयान जीएसटीए द्वारा दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण प्रतिशत में गिरावट को लेकर सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की मांग करने के कुछ दिनों बाद आया है।
भाषा धीरज माधव
माधव

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