दिल्ली : यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारने के मामले में व्यक्ति को दो साल की जेल
दिल्ली : यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारने के मामले में व्यक्ति को दो साल की जेल
नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमार रजत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 333 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए गंभीर चोट पहुंचाना), 353 (लोक सेवक को रोकने के लिए हमला) और 186 (लोक सेवक के काम में बाधा पहुंचाना) के तहत दोषी करार दिए गए दीपक कुमार के लिए सजा की अवधि पर दलीलें सुन रहे थे।
दीपक को ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन करने, ड्यूटी पर तैनात एक यातायात पुलिसकर्मी को अपनी बाइक से टक्कर मारने, उसे गंभीर चोटें पहुंचाने और एक लोक सेवक को आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह घटना 17 मार्च 2019 को घटी थी, जब यातायात पुलिसकर्मी नारायण सिंह ड्यूटी पर थे और चालान काट रहे थे।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि उस समय बाइक सवार दीपक ने यातायात सिग्नल का उल्लंघन किया और रोके जाने के बावजूद सिंह को टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गए और उनके हाथ में मौजूद चालान मशीन टूट गई।
अदालत ने दीपक को आईपीसी की धारा 333 के तहत दो साल के कठोर कारावास और 8,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। उसने दीपक को आईपीसी की धारा 353 के तहत छह महीने और धारा 186 के तहत एक महीने के कठोर कारावास की सजा दी तथा अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने दीपक पर मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया और आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
उसने दीपक को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 428 का लाभ देते हुए कहा कि दोषी की ओर से हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
भाषा पारुल मनीषा
मनीषा

Facebook


