दिल्ली: विधानसभा परिसर में लगातार दूसरे दिन बम रखे होने की खबर झूठी निकली

दिल्ली: विधानसभा परिसर में लगातार दूसरे दिन बम रखे होने की खबर झूठी निकली

दिल्ली: विधानसभा परिसर में लगातार दूसरे दिन बम रखे होने की खबर झूठी निकली
Modified Date: March 26, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: March 26, 2026 12:04 am IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा में बुधवार को एक बार फिर से बम रखे होने की धमकी वाला ईमेल मिला, जिसके बाद सदन की गहन जांच-पड़ताल की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा निर्धारित बजट पेश किये जाने से महज कुछ ही घंटे पहले इसी तरह की धमकी मिली।

एक दिन पहले भी विधानसभा परिसर में बम रखे होने की झूठी सूचना मिली थी।

श्वान दस्ते और बम निरोधक दस्ते ने विधानसभा परिसर की तलाशी ली लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह धमकी झूठी निकली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बम की धमकी के बारे में सूचित करते हुए कहा, “यह ईमेल दिल्ली विधानसभा में अध्यक्ष के कार्यालय को भेजा गया था, जिसमें नक्सलवादियों और पाकिस्तान की इकाइयों से कथित तौर पर जुड़े कुछ संगठनों का जिक्र था।”

ईमेल में दावा किया गया था कि 16 आरडीएक्स-आईईडी लगाए गए थे और दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर इनमें विस्फोट करने की साजिश रची गयी थी।

गुप्ता ने कहा कि सदन ने पुलिस को मामले की हर संभव कोण से जांच करने का स्पष्ट निर्देश दिया था।

उन्होंने कहा, “देश के भीतर विभिन्न माध्यमों से प्रोत्साहित या समर्थित आतंकवादी व राष्ट्रविरोधी ताकतों का पर्दाफाश करना अत्यंत आवश्यक है।”

अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को भेजे गए ईमेल सहित सभी ईमेल पुलिस को भेज दिए हैं और साइबर अपराध शाखा मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने धमकी भरे ईमेल मिलने पर आरोप लगाया कि इन धमकियों के पीछे आम आदमी पार्टी (आप) का हाथ हो सकता है।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिल्ली का बजट पेश किए जाने के समय इस तरह की धमकियां स्वाभाविक नहीं थीं। जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि क्या इसमें ‘आप’ की कोई भूमिका है।”

मंत्री के आरोप पर ‘आप’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारियों ने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने संदेश में कई भड़काऊ राजनीतिक बयान और संदर्भ भी दिए हैं।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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