दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने डिस्कॉम ऑडिट पर अदालत के आदेश का स्वागत किया,
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने डिस्कॉम ऑडिट पर अदालत के आदेश का स्वागत किया,
नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश का सोमवार को स्वागत किया, जिसमें बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ऑडिट के प्रस्ताव में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया है।
सूद ने कहा कि इस फैसले से डिस्कॉम की तत्कालीन आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के साथ “गठजोड़” उजागर हो गया है।
हालांकि, डिस्कॉम या आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके तहत बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड का ऑडिट भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) से कराने की बात कही गई है।
न्यायमूर्ति तेजस करिया की एक अवकाशकालीन पीठ ने डिस्कॉम की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर उनकी चुनौती समय से पहले है।
सूद ने कहा, ‘इस तथ्य से दिल्ली की जनता के सामने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार, अरविंद केजरीवाल और बिजली कंपनियों के बीच की मिलीभगत का पर्दाफ़ाश हो गया है कि बिजली कंपनियों ने कैग ऑडिट का विरोध करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया।’’
सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों का नियामकीय परिसंपत्तियों के तहत करीब 38,500 करोड़ रुपये का बकाया लंबित होने के मद्देनजर कैग ऑडिट का प्रस्ताव रखा। नियामकीय परिसंपत्तियों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने का मतलब बिजली बिल में बढ़ोतरी होगा।
सूद ने कहा कि अब दिल्ली के उपराज्यपाल इस ऑडिट से जुड़े मामले पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि पूर्व सरकार और बिजली कंपनियों के बीच ‘‘गठजोड़’’ को उजागर किया जाए, साथ ही दिल्लीवासियों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगी कि बिजली दरों में वृद्धि के रूप में जनता पर एक भी रुपये का बोझ न पड़े।
भाषा अमित माधव
माधव

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