विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली निवासी से 9.25 लाख रुपये की ठगी; आरोपी गिरफ्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली निवासी से 9.25 लाख रुपये की ठगी; आरोपी गिरफ्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली निवासी से 9.25 लाख रुपये की ठगी; आरोपी गिरफ्तार
Modified Date: May 13, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: May 13, 2026 8:49 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के एक शख्स से वीज़ा और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.25 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में महाराष्ट्र के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने तकनीकी निगरानी के आधार पर एक सप्ताह तक चले अभियान के बाद महाराष्ट्र के पनवेल के एक होटल से 37 वर्षीय अनूप धर्मोले को गिरफ्तार किया, जो इस गिरोह का मुख्य साजिशकर्ता है।

वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके ठगी को अंजाम दे रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अक्सर होटल बदलता रहता था।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली के शालीमार बाग निवासी शिकायतकर्ता ने एक वेबसाइट के माध्यम से विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद 9.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद 24 मार्च को ई-प्राथमिकी दर्ज की गई।

अधिकारी ने बताया, ‘वीजा परामर्श और विदेश में नौकरी दिलाने की सेवाएं देने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया। आरोपी ने उसका विश्वास जीता और धीरे-धीरे वीजा प्रक्रिया, दस्तावेज़ीकरण और विभिन्न स्वीकृतियों के नाम पर उससे पैसे ऐंठ लिए।’

पुलिस को पता चला कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर फर्जी पहचान का उपयोग करके लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि धन के लेन-देन और तकनीकी विश्लेषण से बाद में जांचकर्ताओं को मुंबई की ओर संकेत मिला।

पुलिस ने बताया कि बैंक लेनदेन के लाभार्थी शुरू में वास्तविक प्रतीत हुए, जिससे जांच जटिल हो गई। पूछताछ करने पर जांचकर्ताओं को पता चला कि कई खाताधारक मुंबई के क्लबों में प्रबंधक के रूप में काम करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी क्लबों में जाता, कर्मचारियों से दोस्ती करता और उनका विश्वास जीतकर उनके खातों में धोखाधड़ी की रकम स्थानांतरित करता था।

उत्तर पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने तीन वर्ष पूर्व अपना घर छोड़ दिया था तथा वीज़ा उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया था तथा वह ठगी की राशि सीधे क्लबों के बैंक खातों में स्थानांतरित करता था ताकि अपने बकाये का भुगतान कर सके तथा अतिरिक्त राशि भविष्य के खर्चों के लिए रखी जाती थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह फर्जी पहचान का उपयोग करता था।

जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि आरोपी दो अन्य लोगों के संपर्क में था, जिन्हें वह कथित तौर पर इसी तरह की कार्यप्रणाली का उपयोग करके ठगने का प्रयास कर रहा था और इनमें से एक पीड़ित से 25 हजार रुपये ले चुका था।

पुलिस ने बताया कि धर्मोले पहले भी महाराष्ट्र और उत्तराखंड में दर्ज धोखाधड़ी के तीन मामलों में शामिल था।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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