केरल के इडुक्की में अवैध रूप से निर्मित 88 इमारतों का ध्वस्तीकरण शुरू
केरल के इडुक्की में अवैध रूप से निर्मित 88 इमारतों का ध्वस्तीकरण शुरू
इडुक्की, सात मई (भाषा) केरल के इडुक्की में जिला प्रशासन ने पूपारा में पन्नियार नदी के किनारे अतिक्रमित भूमि पर निर्मित 88 इमारतों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू कर दिया है। यह हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े बेदखली अभियानों में से एक है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि संथनपारा थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। क्षेत्र में तैनात लगभग 200 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला दो साल पुराना है जो नदी किनारे राजस्व भूमि पर कथित रूप से निर्मित इमारतों को लेकर चल रहे मुकदमे के बाद सामने आया है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने उन ढांचों की एक सूची तैयार की जो अतिक्रमण की गई भूमि पर बनाए गए हैं।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, ये 88 इमारतें 56 व्यक्तियों की हैं और इनमें वाणिज्यिक और आवासीय दोनों तरह की संरचनाएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2024 में केरल उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को राजस्व भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया था।
उन्होंने बताया कि बाद में जिला प्रशासन ने इन इमारतों पर कब्जा कर लिया। इस संबंध में इमारतों के मालिकों ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया, लेकिन न्यायालय ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं और अधिकारियों को कार्रवाई करने की अनुमति दी।
अधिकारियों ने बताया कि इन संरचनाओं में से 33 मकान हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के चलते जिन 15 परिवारों के पास रहने के लिए कोई और जगह नहीं है, उनके लिए किराए पर आवास सहित पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।
अभियान की शुरुआत व्यावसायिक इमारतों को ध्वस्त करने से हुई जबकि अन्य इमारतों को चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन के कार्यकाल के दौरान मुन्नार में चलाया गया था।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश

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