कन्नूर में दंत चिकित्सा छात्र की मौत: ऋण ‘ऐप’ के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज

कन्नूर में दंत चिकित्सा छात्र की मौत: ऋण ‘ऐप’ के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज

कन्नूर में दंत चिकित्सा छात्र की मौत: ऋण ‘ऐप’ के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज
Modified Date: April 13, 2026 / 06:39 pm IST
Published Date: April 13, 2026 6:39 pm IST

कन्नूर (केरल), 13 अप्रैल (भाषा) अंजराकांडी में कन्नूर दंत चिकित्सा महाविद्यालय के एक छात्र की मौत के संबंध में साइबर पुलिस ने ऋण ‘ऐप’ के अज्ञात संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

महाविद्यालय के एक सहायक प्राध्यापक की शिकायत के आधार पर कन्नूर साइबर पुलिस ने रविवार रात मामला दर्ज किया।

पुलिस के मुताबिक, बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र नितिन राज आर. एल. (22) ने एक ऑनलाइन ऐप के जरिए ऋण लिया था। लेकिन, ऋण चुकाने में चूक करने के बाद ऐप संचालकों ने कथित तौर पर सहायक प्राध्यापक से संपर्क करना शुरू कर दिया।

प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों ने एमएमएस और व्हाट्सएप के जरिए संकाय की महिला सदस्य से संपर्क किया और उन्हें पैसे वापस करने को लेकर धमकी दी। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि उन्होंने महिला से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे लेने की कोशिश की।

सूत्रों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ऋण चुकाने में विफल रहता है तो ऋण देने वाली ‘एप’ के संचालक उस व्यक्ति के संपर्क में मौजूद अन्य लोगों को मैसेज भेजते हैं।

तिरुवनंतपुरम जिले में पुथुकुलांगरा के उझलक्कल निवासी राज 10 अप्रैल की दोपहर एक इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाके के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

परिजन ने आरोप लगाया है कि संकाय के दो सदस्यों द्वारा राज का उत्पीड़न किया गया था, जिसके बाद ‘डेंटल एनाटॉमी’ विभाग के प्रमुख एम. के. राम और एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. संगीता नाम्बियर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पहलू पर भी ध्यान दे रही है कि क्या उसकी आत्महत्या का संबंध ऋण ‘ऐप’ के ‘संचालकों’ की धमकियों से है या नहीं।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 308(3) (जबरन वसूली) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66डी (कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने राज के फोन से चैट के विवरण बरामद किए हैं, जिससे पता चला है कि उसने राशि चुकाने के लिए और समय मांगा था।

पुलिस के मुताबिक, राज ने 14,000 रुपये का कर्ज लिया था और ऋण देने वाले ‘ऐप’ के संचालकों ने उससे 8,000 रुपये की तत्काल वापसी की मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने बताया कि राज का परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था, इसलिए उसने बकाया चुकाने के लिए कुछ हफ्तों का समय मांगा था।

चक्कराक्कल्लू थाने के प्रभारी के नेतृत्व में एसआईटी सोमवार दोपहर को राज के घर पहुंची और उसके माता-पिता तथा बहन के बयान दर्ज किए।

अधिकारियों ने बताया कि चार सदस्यीय टीम यहां पहुंची थी।

राज के पिता, राजन ने पत्रकारों को बताया कि उनके बेटे ने अपनी मां के इलाज के लिए एक मोबाइल ऐप से ऋण लिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे चुका रहे थे। लेकिन हाल में, भुगतान में चूक हो गई। अगर दंत महाविद्यालय के शिक्षक को ऋण ऐप से किए गए फोन से परेशानी हुई थी और मेरे बेटे ने कुछ गलत किया था, तो उन्हें हमें सूचित करना चाहिए था। आप मेरा फोन चेक कर सकते हैं, महाविद्यालय से कोई फोन नहीं आया है।’’

केरल अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष शेखरन मिनियोदान ने भी राज के घर जाकर उनके परिवार से बातचीत की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पुलिस को 10 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अगर कोई फोरेंसिक रिपोर्ट उपलब्ध होगी, तो उसकी भी जांच की जाएगी।”

इससे पहले, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामला दर्ज कर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।

भाषा यासिर माधव

माधव


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