आलंद से जुड़े आवेदनों का विवरण कर्नाटक पुलिस के साथ साझा किया गया : निर्वाचन आयोग

आलंद से जुड़े आवेदनों का विवरण कर्नाटक पुलिस के साथ साझा किया गया : निर्वाचन आयोग

आलंद से जुड़े आवेदनों का विवरण कर्नाटक पुलिस के साथ साझा किया गया : निर्वाचन आयोग
Modified Date: September 19, 2025 / 11:19 pm IST
Published Date: September 19, 2025 11:19 pm IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इन आरोपों को एक बार फिर खारिज कर दिया कि कर्नाटक के आलंद निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूप से हटाए गए। आयोग ने कहा कि मतदाताओं के वोट गलत तरीके से नहीं काटे गए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘‘चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।’’

आयोग ने एक बयान में कहा कि यद्यपि निर्वाचन क्षेत्र का कोई मतदाता उस विशेष निर्वाचन क्षेत्र से किसी प्रविष्टि को हटाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म-7 भर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल फॉर्म-7 जमा करने से प्रविष्टि स्वतः ही हटा दी जाती है।

बयान में कहा गया है कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र के मामले में, प्रविष्टि हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिये 6,018 आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए थे और सत्यापन करने पर केवल 24 आवेदन वास्तविक पाए गए, जबकि 5,994 गलत पाए गए।

बयान में कहा गया है कि तदनुसार, 24 आवेदन स्वीकार किए गए और 5,994 गलत आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया।

आयोग ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से जुड़े आवेदनों की सत्यता पर संदेह होने के चलते जांच की गई और इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, आलंद की ओर से एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

उसने कहा कि आयोग के निर्देशों के आधार पर, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने जांच पूरी करने के लिए छह सितंबर, 2023 को आयोग के पास उपलब्ध सभी जानकारी कलबुर्गी जिले के पुलिस अधीक्षक को सौंप दी।

भाषा शफीक पारुल

पारुल


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