Shishukunj School Indore Food Poisoning : इंदौर के नामी स्कूल में हड़कंप! 100 से ज्यादा बच्चों की बिगड़ी तबीयत, आखिर योग दिवस के बाद ऐसा क्या हुआ?
इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में योग दिवस कार्यक्रम के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की समस्या हुई, जिसके बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठाए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने भोजन और पानी के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।
Shishukunj School Indore Food Poisoning / Image Source : AI GENERATED
- योग दिवस कार्यक्रम के 48 घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत
- केजी से चौथी कक्षा तक के कई छात्र प्रभावित
- पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायतें सामने आईं
इंदौर : Shishukunj School Indore Food Poisoning : मध्य प्रदेश के इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में बच्चों के बीमार होने के मामले ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। योग दिवस के मौके पर स्कूल में दिए गए भोजन या पानी से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद यह मामला और तूल पकड़ने लगा। हालांकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
48 घंटों के बाद यानी आज बच्चों की तबीयत हुई खराब
इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल के जूनियर विंग में शनिवार को योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। Indore Food Safety Department Raid कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन परोसा गया, जिसमें राजमा, रोटी, चावल और चोलाई की सब्जी शामिल थी। लेकिन करीब 48 घंटों के बाद यानी आज सुबह से कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। केजी से चौथी कक्षा तक के कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत हुई। रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी।
सोमवार को अभिभावकों ने किया हंगामा
इस मामले के सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल परिसर में अभिभावकों ने हंगामा किया और भोजन व पानी की गुणवत्ता की जांच की मांग की। Shishukunj Junior Wing Indore कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के बीमार होने के पीछे स्कूल में दिया गया भोजन या पानी जिम्मेदार हो सकता है। वहीं एहतियात के तौर पर आज केजी से चौथी तक के कई छात्र स्कूल नहीं पहुंचे। शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची और जांच शुरू की।
अधिकारियों ने स्कूल की रसोई, पानी की व्यवस्था और खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया। भोजन और पानी के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
हर दिन परोसा जाता है ताजा भोजन
स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों को हर दिन ताजा भोजन परोसा जाता है और गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन किया जाता है। जूनियर विंग की हेडमिस्ट्रेस ऋचा तिवारी के मुताबिक शनिवार को बच्चों को राजमा, रोटी, चावल और चोलाई की सब्जी दी गई थी। स्कूल के पास भोजन की गुणवत्ता और ताजगी से जुड़े सभी रिकॉर्ड और प्रमाण मौजूद हैं। स्कूल प्रशासन के अनुसार शुरुआत में कुछ अभिभावकों के ई-मेल प्राप्त हुए थे। पहले करीब 35 शिकायतें सामने आईं, लेकिन बाद में शिकायतों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई।
लैब रिपोर्ट आने का इंतज़ार
इसके बाद स्कूल ने भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। प्रबंधन का कहना है कि जब तक लैब रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि बच्चों की तबीयत भोजन या पानी की वजह से बिगड़ी है। स्कूल ने अभिभावकों से अपील की है कि जिन बच्चों की तबीयत ठीक नहीं है, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने तक स्कूल न भेजें। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम इंतजार जांच रिपोर्ट का है। खाद्य सुरक्षा विभाग के सैंपल और स्कूल प्रशासन की आंतरिक जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्चों के बीमार होने की असली वजह क्या थी। तब तक अभिभावकों की चिंता और स्कूल प्रशासन की सफाई, दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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