महिला सशक्तीकरण से ही होगा देश-प्रदेश का विकास : भजनलाल शर्मा

महिला सशक्तीकरण से ही होगा देश-प्रदेश का विकास : भजनलाल शर्मा

महिला सशक्तीकरण से ही होगा देश-प्रदेश का विकास : भजनलाल शर्मा
Modified Date: March 30, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: March 30, 2026 5:22 pm IST

जयपुर, 30 मार्च (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण से ही देश और प्रदेश का समग्र विकास संभव है।

मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में शर्मा ने एक लाख 22 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बैंक खातों में यूनिफॉर्म के लिए एक-एक हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की देखभाल कर भविष्य की पीढ़ी की मजबूत नींव रखती हैं और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं।

शर्मा ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, ‘मिड-डे मील कुक-कम-हेल्पर्स’ (बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन पकाने वाले कर्मचारी) सहित सभी मानदेय कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत अब तक 16 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इस वर्ष के बजट में योजना के तहत ऋण सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया है।

उन्होंने कहा कि दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर के अनुदान से पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को भी लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और ‘मा वाउचर योजना’ सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का सशक्तीकरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नए आयाम मिले हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्षभर आयोजित होने वाली गतिविधियों के वार्षिक कैलेंडर का भी विमोचन किया।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


लेखक के बारे में