धर्मेंद्र प्रधान ने नवीन पटनायक को मोदी का समर्थन करने की दी सलाह

धर्मेंद्र प्रधान ने नवीन पटनायक को मोदी का समर्थन करने की दी सलाह

धर्मेंद्र प्रधान ने नवीन पटनायक को मोदी का समर्थन करने की दी सलाह
Modified Date: May 13, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: May 13, 2026 10:27 pm IST

भुवनेश्वर, 13 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक को अन्य राजनीतिक दलों की ओर झुकाव रखने के बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बने रहने की कथित सलाह के बाद ओडिशा में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

प्रधान ने दो दिन पहले अपने संबलपुर लोकसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में कथित तौर पर यह टिप्पणी की थी, जिसमें बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता प्रधान संसद-विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर बोल रहे थे और उन्होंने केंद्र से अलग रुख अपनाने के लिए बीजद की आलोचना की।

प्रधान ने कहा, ‘‘नवीन बाबू अच्छे इंसान हैं। हालांकि, महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका रुख बदलता रहता है। हम प्रसन्न भाई से नवीन बाबू से मिलने और उन्हें मोदी के साथ बने रहने के लिए समझाने का अनुरोध करेंगे। हम मिलकर महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करेंगे।’’

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसन्न आचार्य ने कहा, ‘‘नेता अक्सर अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार बयान देते हैं। यह भी देखा गया है कि उनके बयान जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। प्रधान ने ऐसा बयान अपनी पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए दिया।’’

हालांकि, आचार्य ने स्पष्ट किया कि बीजद क्षेत्रीय पार्टी है और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और कांग्रेस नीत गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस)दोनों से समान दूरी बनाए रखती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक स्वतंत्र क्षेत्रीय पार्टी हैं जो ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है।’’

प्रधान की यह टिप्पणी राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों के संकेतों के बीच आई है। इनमें बीजद संसदीय दल के नेता मानस रंजन मंगराज के महिला आरक्षण मुद्दे पर दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल होने की खबरें भी आई हैं, जिसे पार्टी के पूर्व के रुख से एक अहम बदलाव माना जा रहा है।

पटनायक की पार्टी केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का पूर्व में समर्थन करती थी, लेकिन 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हार के बाद उसने हालिया समय में अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

भाषा आशीष धीरज

धीरज


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